
king emperor
दूदावास गांव में वर्ष में कई बार बहुरूपिया आकर लोगों को खेल दिखाकर जीवन यापन करते है लेकिन अब इस कला के कद्रदान घटने से रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है।
दूदावास में आए पप्पू बहुरूपिया ने बताया कि उनके पूर्वज भी इस कला दिखाने का ही काम करते थे तथा उस समय इस प्रकार के खेलों की कद्र थी तथा राजा महाराजा इन खेलों को करवा कर मनोरंजन करते थे लेकिन अब इस कला की कद्र घट गई।
अब गांवों की गली-गली व घर-घर घूमकर पेटपालन का काम करना पड़ता है। दिनभर लोगों को खेल दिखाने के बाद भी रोजी-रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है।
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