
master plan 2023
बीकानेर शहर की सुनियोजित बसावट के लिए बनाए गए मास्टर प्लान-2023 में शहर के पैराफेरी क्षेत्र में 8-10 किमी. तक जो ग्रीन बेल्ट एवं गोचर भूमि छोड़ी गई है, उसमें किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं हो सकती। वहीं मास्टर प्लान के विपरीत राजस्व ग्रामों की कृषि भूमि पर बिना भू रूपान्तरण एवं ले-आउट मानचित्र अनुमोदित कराए कृषि भूखंडों का बेचान किया जा रहा है।
गेमनापीर रोड पर करमीसर, शरहनथानिया, चावड़ा बस्ती, पूगल रोड पर ग्राम चकगर्बी में करणी औद्योगिक क्षेत्र के आसपास बिना अनुमोदित कॉलोनियां काटकर भूखंड बेचे जा रहे हैं। रायसर, उदरामसर रोही, नाल बड़ी व छोटी और कानासर तक हजारों बीघा भूमि पर सैकड़ों अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। इतना ही नहीं मास्टर प्लान में शामिल 34 राजस्व ग्रामों में अवैध कॉलोनियां बसाने का सिलसिला निरंतर जारी है।
मोटे तौर पर 250 से अधिक अवैध कॉलोनियों बसाई जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि जनवरी-2017 में राजस्थान पत्रिका के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके अनुसार मास्टर प्लान में जगह जिसके लिए चिह्नित है, उसकी पालना कराई जाए।
ईको सेंसिटिव जोन, ईकोलॉजिकल जोन और हरित क्षेत्र एक बार तय होने पर मास्टर प्लान में इनकी जगह में बदलाव नहीं हो सकता है। हाईकोर्ट के फैसले के चार माह बाद भी प्रशासन और न्यास के अधिकारी मूकदर्शक बनकर बैठे हैं। कहीं कोई कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।
यहां भी गड़बड़
ग्रीन बेल्ट में भी सिर्फ एक बीघा फार्म हाउस का ही पट्टा जारी होता है। उसमें भी 10 फीसदी भूमि पर निर्माण किया जा सकता है। शेष भूमि को हरा-भरा छोडऩा होता है, जबकि फार्म हाउस के नाम पर स्वीकृति लेकर वहां कॉलोनियां काटी गई हैं।
जवाब मांगते सवाल
- अवैध कॉलोनियों में बिजली, पानी, टेलिफोन के कनेक्शन कैसे हुए?
- अवैध कॉलोनियों में सड़कें बनाने की अनुमति कहां से आई?
- कृषि भूमि पर आवासीय भूखंड की रजिस्ट्री कैसे हुई?
- अवैध कॉलोनियों में हो रहे निर्माण को रोका क्यों नहीं जा रहा है?
- क्या इन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई होगी?
- हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना कराई जाएगी
आवश्यक कार्रवाई
मास्टर प्लान के तहत ग्रीन बेल्ट में जो कॉलोनियां बसाई गई हैं, वो गलत है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आरके जायसवाल, कार्यकारी सचिव, न्यास
नियमों की अनदेखी
शहर में मास्टर प्लान के तहत 34 राजस्व ग्राम एवं चकों में राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90ए के तहत कृषि भूमि का बिना अकृषि भू-रूपान्तरण कराए, ले-आउट पास कराए बिना बेचे गए कृषि भूमि के टुकड़ों में निर्माण अवैध की श्रेणी में आते हैं।
इन भूखंडों पर निर्माण अनुमति एवं किसी भी तरह की एनओसी नहीं दी जा सकती है। अवैध कॉलोनियों में राज्य सरकार की टाउनशिप पॉलिसी के अनुसार सामुदायिक (हॉस्पिटल, पार्क, स्कूल आदि) सुविधाओं एवं सड़कों का मानदण्डानुसार कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। सभी नियमों की अनदेखी की गई है।
मास्टर प्लान में 34 राजस्व ग्राम
मास्टर प्लान-2023 के नगरीय क्षेत्र के तहत 34 राजस्व ग्राम शामिल हैं। इसमें बीकानेर सिटी, बीछवाल, शरह कुंजिया, नगासर सुगनी, पेमासर, उदासर, अनोपसागर, शरह कजाणी, रिडमलसर पुरोहितान, नैनो का बास, शिवबाड़ी, जोहड़बीड़, भोजनशाला, किसमीदेसर, भीनासर, गंगाशहर, सुजानदेसर,
करमीसर, श्रीरामसर, शरह तेलियां, नथूसर, रूघनाथसर, सरहनथानिया, चकगर्बी, हिम्मतासर, पनपालसर, रायसर, उदयरामसर, नाल बड़ी, नाल छोटी, बस्ती चारनान, कानासर, गाढवाला व शरह शवरूपदेसर शामिल हैं।
Published on:
30 May 2017 09:21 am
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