
municipal Corporation
शहर विकास में सहयोग करने के लिए राज्य सरकार ने नगर निगम में 16 कमेटियां गठित की थी। सरकार ने जिस उदेश्य से इन कमेटियों का गठन किया था, उसका कहीं कोई उद्देश्य पूरा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।
हालात यह है कि कुछ कमेटियों की तो अभी तक बैठक तक नहीं हुई है। जिनकी बैठकें हो चुकी हैं, उनकी प्रोसेडिंग तक नहीं लिखी गई है। ऐसी स्थिति में कमेटी बैठक में लिए गए प्रस्तावों और निर्णयों को लागू करने की बात करना तो बेमानी होगी।
इस मामले में कमेटी अध्यक्ष भी नेतागिरी करने से ज्यादा कोई सरर्दद नहीं लेना चाहते हैं। जब कमेटी अध्यक्ष और सदस्य ही सीरियस नहीं तो फिर निगम प्रशासन कमेटी बैठकों की प्रोसेडिंग तक लिखना जरुरी नहीं समझता है।
ऐसा निगम प्रशासन में हो रहा है। अब कमेटी अध्यक्ष और निगम प्रशासन भले ही कितने दावे करें, मगर सच्चाई इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।
पहले की प्रोसेडिंग लिखी नहीं, दूसरी बैठक हो गई
निगम में 12 अप्रेल को अवज्ञा एवं अतिक्रमण समिति की बैठक हुई थी, उसमें शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए निर्णय लिए गए थे।
बैठक हुए पांच महीने हो गए, उसकी प्रोसेडिंग तक नहीं लिखी गई तो फिर अतिक्रमण तो कहां से हटाए जाएंगे। पहली बैठक पर कार्रवाई हुई नहीं और मंगलवार को कमेटी की दूसरी बैठक और बुला ली गई।
रोचक बात यह है कि बैठक का कोरम पूरा हुए बिना ही मीटिंग कर फिर से पांच प्रस्ताव भी ले लिए गए। जिसमें मॉर्डन मार्केट चौराहे से अवैध डेयरी बूथ हटाने, डेयरी बूथों पर बिक रहे मादक पदार्थों पर कार्रवाई करने सहित अन्य प्रस्ताव शामिल र्हैं।
बैठक में अध्यक्ष कृष्णा कंवर, सदस्य राजेंद्र शर्मा, प्रेमरतन जोशी, सुरेश बारिया, शहाबुदीन सहित पांच सदस्य शामिल हुए। जिसमें अखिलेश प्रताप सिंह पहले ही कमेटी सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके है और चार सदस्य नहीं पहुंचे। हालांकि कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि कमेटी कोरम पूरा था और एक सदस्य के घर पर प्रोब्लम होने से वह चली गई।
66 अतिक्रमण की शिकायतें दर्ज
शहर में धड़ाधड़ अतिक्रमण हो रहे हैं। निगम प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है और कहीं कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
मोटे तोर पर शहर सैकड़ों की तादाद में अतिक्रमण हो रखे हैं, जिसमें से 66 मोटे अतिक्रमण तो ऐसे हैं, जिनकी शिकायत संपर्क पोर्टल पर भी दर्ज करवाई हुई है। सदर थाना क्षेत्र में 24, सिटी कोतवाली क्षेत्र में 20 और कोटगेट थाना क्षेत्र में 22 अतिक्रमण की शिकायतें संपर्क पोर्टल पर दर्ज हैं।
कार्रवाई तो अधिकारी करेंगे
पांच माह पहले कमेटी की बैठक हुई थी। उसमें कमेटी ने अतिक्रमण हटाने के प्रस्ताव लिए थे। मंगलवार को बैठक की तो कार्मिकों से पूछा कि पहले वाली बैठक पर क्या कार्रवाई की। जवाब में कोई कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई। ऐसा नहीं होना चाहिए। बड़े अधिकारी तो बैठकों में आते ही नहीं है।
कृष्णा कंवर, अध्यक्ष अवज्ञा एवं अतिक्रमण समिति।
अतिक्रमण पर करेंगे कार्रवाई
कमेटी बैठकों की प्रोसेडिंग नहीं लिखने जैसी बात नहीं है, फिर भी दिखवा लेता हूं। वैसे कमेटियों को सुझाव देने का अधिकार है, कार्रवाई तो प्रशासनिक स्तर पर ही होती है। अतिक्रमणों को लेकर टीमें बनाई हुई है, वे काम कर रही हैं। अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई की जाएगी।
आरके जायसवाल, आयुक्त।
Published on:
07 Sept 2016 01:25 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
