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नए कलेवर में सजेगा ‘मेगा ट्रेड फेयर’

राजस्थान पत्रिका की ओर से शार्दुल क्लब मैदान में शहरवासियों के लिए खरीदारी का सबसे बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा।

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Mega Trade Fair

Mega Trade Fair

बीकानेर. राजस्थान पत्रिका की ओर से शार्दुल क्लब मैदान में शहरवासियों के लिए खरीदारी का सबसे बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा। मेगा ट्रेड फेयर का आगाज 4 अगस्त को होगा। सैकड़ों स्टॉल्स के साथ शुरू होने वाले ट्रेड फेयर में स्टॉल बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ आधार पर होगी। मेगा ट्रेड फेयर में लोग सपरिवार खरीदारी के साथ-साथ मनोरंजन का आनन्द ले सकेंगे। मेले में एक ही छत के नीचे हर तरह के उपयोगी उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।

विशाल फूड जोन में लोग कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनन्द ले सकेंगे।टू-व्हीलर व फोर व्हीलर की बड़ी कम्पनियों की सभी स्टॉल लगेगी, जिससे विशेष ऑटोमोबाइल जोन बनाया जाएगा। ट्रेड फेयर में बीकानेर ही नहीं नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी खरीदारी व मनोरंजन का लुत्फ उठाने पहुंचेंगे। मेले में स्थानीय व्यापारी भी अपने विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। राज्य व अनेक प्रांतों के व्यापारी भी अपने-अपने इलाके के खास उत्पाद मेले में लाएंगे। मेले में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। अधिक जानकारी के लिए ९३५१२०५५२३, 797610361९ पर संपर्क कर सकते हैं।

उत्पादों का खजाना
खरीदारी के लिए गीजर, रूम हीटर, किचन वेयर, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, परफ्यूम क्राकरी, फैशन, फिटनेस, कंप्यूटर खिलौने, फर्नीचर, गद्दे, सोफे आदि घरेलू उपयोग के उत्पादों की विशाल व लेटेस्ट रेंज मिलेगी। इसके अलावा मेले में पुस्तकें, बैंक, वित्त, बीमा, प्रोपर्टी, एजुकेशन संबंधी स्टॉल पर उत्पादों की विशाल रेंज आकर्षण का केन्द्र होंगी।

झूलों पर होगी रेलमपेल
ट्रेड फेयर में कई तरह के झूले लगेंगे। इनमें रोमांचक ज्वाइंट व्हील, ड्रेगन ट्रेन, रेंजर, बोन्सी, ट्रम्बलिंग, चांद-तारा और ब्रेक डांस सहित झूलों के साथ बच्चों के लिए भी कई झूले लगेंगे।

पशुपालकों की राज्य स्तरीय कार्यशाला कल

बीकानेर. राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद की ओर से १३ जुलाई को वेटरनरी विश्वविद्यालय में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला 'मिलन-२०१८' का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला के संयोजक और राजूवास के प्रचार शिक्षा निदेशक प्रो. एपी सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों के ४० प्रगतिशील कृषक और पशुपालक,

डेयरी व पोल्ट्री के उद्यमी, गोशाला प्रबंधक, शोधर छात्र-छात्राएं व पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक और राजूवास के वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। संस्थान के वैज्ञानिक पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और अनुसंधान कार्यों की जानकारी देंगे। कार्यशाला की सिफारिशें सरकार को भेजी जाएंगी, जिसके आधार पर पशुपालन की आगामी परियोजनाएं बनाई जाएगी।