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जेल प्रहरियों का मेस बहिष्कार, बीकानेर-नोखा में 10 की तबीयत बिगड़ी

उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों को माना नहीं जाएगा, एवं आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक जेल प्रहरी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए अन्न त्याग कर विरोध जारी रखेंगे।
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जेल प्रहरियों का मेस बहिष्कार, बीकानेर-नोखा में 10 की तबीयत बिगड़ी

जेल प्रहरियों का मेस बहिष्कार, बीकानेर-नोखा में 10 की तबीयत बिगड़ी

बीकानेर. पुलिस के समान वेतन की मांग को लेकर जेल प्रहरियों का आंदोलन चार दिनों से जारी है। जेल प्रहरी मेस का बहिष्कार कर ड्यूटी कर रहे हैं। रविवार को सात जेल प्रहरियों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें महिला जेल बीकानेर से जेल प्रहरी पूनम कुमार, हवलदार मैना कुमारी, बीकानेर केन्द्रीय कारागार से प्रमोद कुमार, जेल प्रहरी बादामी, सीमा, प्रेम गोदारा, संतोष मीणा शामिल हैं। जेल प्रहरी अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। इसके अलावा नोखा में भी तीन जेलकर्मियों की तबीयत खराब होने की खबर मिल रही है।

यह हैं मुख्य मांगें

कारागारों में तैनात जेल प्रहरी को आरएसी कार्मिकों के समक्ष वेतनमान पे-लेवल-5, भत्ते व हार्ड ड्यूटी एलाउंस एवं अन्य सुविधाएं दी जाएं। वेतन विसंगति वर्ष 1998 से कर्मचारियों को नोशनल लाभ दिए जाने के वित्त विभाग से आदेश जारी कराएं। प्रहरी का वर्तमान पद का पे-लेवल-03 से पे-लेवल-5 किया जाए। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश चार जून, 2019 को समाप्त कर आरएएसी के अनुरूप कार्मिकों का पे-लेवल समान किया जाए।

सरकार को चेतावनी

महासंघ के जिलाशाखा अध्यक्ष भगवतीलाल का कहना है कि जेल प्रहरी और पुलिस की ड्यूटी तकरीबन एक जैसी है। इसके बावजूद वेतन विसंगति है, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों को माना नहीं जाएगा, एवं आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक जेल प्रहरी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए अन्न त्याग कर विरोध जारी रखेंगे। महासंघ जेल प्रहरियों के आंदोलन में पूर्णतया साथ है।

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