
बीकानेर. नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए खुशखबर है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय इस सत्र से नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए स्पेशल बीएड कोर्स शुरू करेगा। इससे पहले मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए बीएड कोर्स होता था। प्रदेश में यह दूसरा विश्वविद्यालय है, जहां नेत्रहीन विद्यार्थी बीएड कर सकेंगे। इससे पहले जोधपुर विवि एेसे विद्यार्थियों को बीएड करवाता था।
इसके लिए री-हेबिटेशन काउंसिंल ऑफ इंडिया (आरसीआइ) ने सर्वे करवाकर विश्वविद्यालय को एनओसी जारी कर दी है। नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए बीएड कोर्स श्रीगंगानगर के नेत्रहीन महाविद्यालय में शुरू होगा। विवि इस महाविद्यालय को विश्वविद्यालय शीघ्र संबद्धता जारी करेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह स्पेशल बीएड विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के अंतर्गत यह शुरू होगी।
३० सीटों पर प्रवेश
आरसीआइ के नियमों के तहत नेत्रहीन विद्यार्थियों को बीएड के लिए ३० सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यहां प्रदेश का कोई भी नेत्रहीन विद्यार्थी प्रवेश ले सकेगा। इसमें आरसीआइ के नियमों के तहत पाठ्यक्रम का अनुमोदन किया जा रहा है, अनुमोदन के बाद पाठ्यक्रम तैयार होगा।
बना रहे पाठ्यक्रम
नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए बीएड इसी सत्र से शुरू होगी। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। बीएड कोर्स शुरू करने के लिए एनओसी जारी कर दी गई।
प्रो. भागीरथसिंह बिजारणियां, कुलपति, एमजीएसयू बीकानेर