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डेढ़ महीने के इंतजार के बाद आखिरकार एमजीएसयू ने जारी किया पाठ्यक्रम

शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) की ओर से स्नातक प्रथम वर्ष के सभी संकायों का पाठ्यक्रम जारी कर दिया गया।

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डेढ़ महीने के इंतजार के बाद आखिरकार एमजीएसयू ने जारी किया पाठ्यक्रम

डेढ़ महीने के इंतजार के बाद आखिरकार एमजीएसयू ने जारी किया पाठ्यक्रम

कॉलेजों में विद्यार्थी और शिक्षक आते तो हैं, लेकिन पाठ्यक्रम जारी नहीं होने की वजह से आखिर क्या पढ़ाया जाए, इसका संशय सभी को रहता था। अगस्त के प्रथम सप्ताह से ही कक्षाएं शुरू हो गई थीं, लेकिन इसके बाद भी पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। क्योंकि विवि की ओर से पाठ्यक्रम ही जारी नहीं किया गया था। इसके चलते विद्यार्थी और शिक्षक दोनों को ही परेशानी का सामना करना पड़ता था। राजकीय डूंगर कॉलेज में तो स्थिति यह थी कि कक्षाओं में विद्यार्थी कम ही नजर आते थे। शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) की ओर से स्नातक प्रथम वर्ष के सभी संकायों का पाठ्यक्रम जारी कर दिया गया। कॉलेज से जुड़े जानकारों के अनुसार, सेमस्टर सिस्टम लागू होने की वजह से साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित होंगी। नवंबर अंत में या फिर दिसंबर में परीक्षाएं आयोजित हो सकती हैं। ऐसे में कॉलेजों के लिए कोर्स पूरा करवाना भी बड़ी चुनौती होगी। वहीं दूसरी ओर से विवि से जुड़े जानकारों के अनुसार, विवि की ओर से अध्ययन बोर्ड को जल्द से जल्द पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कहा गया था। सितंबर प्रथम सप्ताह में उपलब्ध करवाना था, लेकिन विवि को उपलब्ध नहीं होने की वजह से पाठ्यक्रम देरी से जारी किया गया है।


पहली बार लागू होगी सेमेस्टर प्रणाली
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की ओर से इस सत्र से बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष में सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है। इससे इस बार एक सत्र में दो बार परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। विवि की ओर से सेमेस्टर को देखते हुए ही विद्यार्थियों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही कॉलेजों में 90 कार्य दिवस पूरे होने के बाद ही पहली परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। एमजीएसयू के अतिरिक्त कुलसचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा ने बताया कि अभी जहां छात्रों को पूरे साल पढ़ाई कर वर्ष के अंत में परीक्षा देना होता है। अब उन्हें साल में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। पहले सेमेस्टर में रिजल्ट थोड़ा खराब भी हुआ, तो छात्रों को दूसरे सेमेस्टर में सुधारने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों और शिक्षकों पर दबाव कम होगा और तैयारी बेहतर होगी। पाठ्यक्रम के दो या तीन भागों मे बंट जाने से अध्यापकों को एक निश्चित अवधि के दौरान शिक्षण कार्य कराने में भी सुविधा होती है।

कोर्स पूरा कैसे होगा

पाठ्यक्रम देरी से जारी होने की वजह से विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि पहली बार विवि की ओर से सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई है। इसकी वजह से प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं जल्द होंगी। ऐसे में आखिर कोर्स पूरा कब होगा।

-मोहित बापेउ, छात्र नेता

जल्दी जारी करना चाहिए था

विवि की ओर से इस बार सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई है। ऐसे में पाठ्यक्रम जल्दी जारी करना चाहिए था, लेकिन इसको देरी से जारी किया गया है। ऐसे में न ही परीक्षाएं और न ही परिणाम समय पर आएगा। इसके चलते विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

-कृष्ण कुमार गोदारा, जिला अध्यक्ष, एनएसयूआई