स्कूलों को अपने परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो। इसके लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण, निर्वाचित निकायों और प्रशासन से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल की चारदीवारी, गेट और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया है।