
स्कूल परिसरों से आवारा कुत्ते भगाएंगे शिक्षक (फोटो-एआई)
बीकानेर: पहले से ही कई गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझे शिक्षकों के कंधों पर अब एक और जिम्मेदारी आ गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों को भगाने और संबंधित विभागों से समन्वय कर उन्हें पकड़वाने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी है। विभाग के अनुसार, यह कदम विद्यार्थियों और स्कूल स्टॉफ को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से बचाने के लिए उठाया गया है, ताकि स्कूल परिसर में कोई अप्रिय घटना न हो।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पकड़ने के आदेश दिए हैं। उसी आदेश की पालना में शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को यह निर्देश जारी किए हैं। आदेशों की अवहेलना पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्कूलों को अपने परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो। इसके लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण, निर्वाचित निकायों और प्रशासन से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल की चारदीवारी, गेट और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया है।
आवारा कुत्तों की रोकथाम के इंतजामों की समीक्षा के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक संदर्भ केंद्र प्रभारी नियमित निरीक्षण करेंगे। कम से कम हर तीन महीने में एक बार स्थिति की जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रभारी और संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
शिक्षकों को पहले से ही दूध-पोषाहार वितरण, किताबों की व्यवस्था, ऑनलाइन हाजिरी, एसआईआर, निपुण राजस्थान और प्रखर राजस्थान जैसी योजनाओं सहित करीब 50 तरह के कार्य दिए हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में आवारा कुत्तों से सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने के निर्देश सभी संयुक्त निदेशकों को जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों और स्टॉफ को सुरक्षित रखा जा सके।
-सीताराम जाट, शिक्षा निदेशक, बीकानेर
Published on:
08 Jan 2026 03:02 am
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