
पुलिस गिरफ्त में आरोपी (नीली शर्ट) शुभम, (सफेद शर्ट) राकेश (फोटो- पत्रिका)
धार-एमपी/करौली-राजस्थान: जिस तरह व्यापमं घोटाले ने सरकारी भर्तियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे, उसी तर्ज पर अब बैंकिंग क्षेत्र में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया की क्लर्क भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा देकर नौकरी हासिल करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।
ज्वाइनिंग प्रक्रिया के दौरान बायोमैट्रिक मशीन में चेहरा मिसमैच होने और परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर पूरे रैकेट की परतें खुल गईं। बैंक ऑफ इंडिया, धार आंचलिक कार्यालय के प्रबंधक अरुण कुमार जैन की शिकायत पर नौगांव थाना पुलिस ने डमी अभ्यर्थी शुभम गुप्ता (29) निवासी हिसार, हरियाणा को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में सामने आया कि शुभम न केवल फर्जी तरीके से परीक्षा देता था, बल्कि लाखों रुपए लेकर दूसरों को बैंक में नौकरी दिलाने का काम कर रहा था। पूछताछ में शुभम ने यह भी कबूल किया कि उसने साल 2022 में राकेश मीणा निवासी करौली (राजस्थान) के लिए भी डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी। राकेश वर्तमान में खरगोन जिले के बांगड़दा में बैंक में पदस्थ था। बैंक अधिकारियों ने उसे जोनल ऑफिस बुलवाकर शुभम के साथ नौगांव पुलिस को सुपुर्द किया।
पुलिस के अनुसार, बैंक कार्यालय में पंकज मीणा (27 ) निवासी कुंजा करौली (राजस्थान) को ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह लगातार तारीखें टाल रहा था। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने उससे वीडियो कॉल पर चर्चा की और फोटो सुरक्षित रख लिया। ज्वाइनिंग के दिन पंकज की जगह शुभम गुप्ता पहुंचा।
बायोमैट्रिक मशीन में चेहरा मिसमैच हुआ, जिससे बैंक अधिकारियों को शक हुआ। पूछताछ के दौरान शुभम घबराकर बाहर जाने की कोशिश करने लगा, लेकिन अधिकारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
पुलिस पूछताछ में शुभम ने स्वीकार किया कि उसने साल 2025 में बैंकिंग क्लर्क परीक्षा पंकज मीणा के स्थान पर डमी अभ्यर्थी बनकर दी थी। परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक पहचान शुभम की ही थी, इसलिए ज्वाइनिंग के समय भी वही पहुंचा, ताकि तकनीकी दिक्कत न आए। हालांकि, वीडियो कॉल का फोटो बैंक के पास होने से उसकी चालाकी पकड़ में आ गई। फिलहाल, पंकज मीणा फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी शुभम गुप्ता स्वयं हरियाणा में एसबीआई में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर पदस्थ है। इसके बावजूद वह 6 से 8 लाख रुपए लेकर दूसरों के लिए डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षाएं देता रहा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को इसी तरह बैंक में नौकरी दिलाई है।
नौगांव पुलिस ने दोनों आरोपियों को धार न्यायालय में पेश किया, जहां से पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। इस दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि गिरोह ने प्रदेशभर में कितने फर्जी तरीके से बैंक कर्मियों की नियुक्तियां करवाई हैं। अफसरों के अनुसार, इस तरह के कम से कम पांच संदिग्ध मामलों की जानकारी सामने आई है, जिनकी पुष्टि की जा रही है।
बैंक की ज्वाइनिंग प्रक्रिया के दौरान मामला सामने आया। दो लोगों को ट्रैस किया गया है। आगे होने वाली सभी नियुक्तियों में प्रधान कार्यालय स्तर से सूक्ष्मता से जांच की जाएगी।
-बलराम बैरागी, लीड बैंक अधिकारी, धार
बैंक प्रबंधक की शिकायत पर दो आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा- 319 (2), 318 (4), 61 (2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी शुभम ने पैसे लेकर डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी थी, जिसकी मदद से राकेश ने नौकरी हासिल की। न्यायालय से पांच दिन की रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है।
-हीरु सिंह रावत, टीआई नौगांव, धार
Published on:
08 Jan 2026 12:06 am
बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
