
Minister Madan Dilawar (Patrika Photo)
पाली: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने पाली और सिरोही जिलों में कड़ी कार्रवाई की है। गांवों में साफ-सफाई नहीं मिलने पर पाली व सिरोही जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को 17 सीसीए के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
वहीं, ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पंचायत प्रशासक, स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और क्लस्टर प्रभारी को निलंबित किया गया है। ग्रामीण स्वच्छता में लापरवाही से संबंधित यह कार्रवाई पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव (प्रथम) बृजेश कुमार चंदोलिया की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई।
मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि पंचायत राज विभाग के सचिव से लेकर खंड विकास अधिकारी तक सभी अधिकारियों को प्रत्येक महीने चार बार ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर स्वच्छता कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद लापरवाही सामने आई है।
निरीक्षण के बाद सिरोही जिले की रेवदर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सानवाड़ा तथा पाली जिले की सोजत पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सांडिया के ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया गया। साथ ही सोजत पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश जारी हुए। दोनों ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को पदमुक्त किया गया। संबंधित क्लस्टर प्रभारी भी निलंबन की कार्रवाई से नहीं बचे।
निरीक्षण के दौरान सांडिया ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय राजमार्ग से पंचायत तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर जगह-जगह कचरे के ढेर पाए गए। ग्राम पंचायत के मुख्य द्वार पर गोबर के ढेर पड़े थे। बैठक रजिस्टर में बैठक समाप्ति एवं कार्रवाई विवरण से जुड़े नोट और हस्ताक्षर भी नहीं मिले। कई पन्ने खाली छोड़े गए थे, जिन्हें मौके पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी से क्लोजिंग नोट अंकित करवाया गया।
इसी तरह सानवाड़ा ग्राम पंचायत में घर-घर कचरा संग्रहण के लिए संवेदक द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाए जाने का दावा किया गया, लेकिन पूरा क्षेत्र कवर नहीं हो रहा था। नालियों के अभाव में कई स्थानों पर सड़कों पर पानी फैला हुआ मिला।
अतिरिक्त आयुक्त चंदोलिया ने सिरोही जिले की शिवगंज पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बगसीन और रेवदर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सिरोड़ी का भी निरीक्षण किया। वहां मिली कमियों के आधार पर दोनों ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को पदमुक्त कर दिया गया, जबकि ग्राम विकास अधिकारी और क्लस्टर प्रभारी को निलंबित किया गया।
लापरवाही के मामले में तत्कालीन विकास अधिकारी पंचायत समिति रेवदर-शिवगंज और जिला परिषद सिरोही के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी दोषी मानते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी के रूप में कार्यरत अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
Published on:
07 Jan 2026 10:13 pm
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