
nagar nigam bikaner
बीकानेर. आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम की चिंता और बढऩे वाली है। निगम के सामने अब मुक्ता प्रसाद और पवनपुरी कॉलोनियों में सफाई व विकास कार्य करवाना बड़ी चुनौती होगी। आवासन मण्डल की ओर से निगम को दिए जा रहे महज पौने तेरह करोड़ रुपए से दोनों कॉलोनियों में करीब ५५०० आवास, ४९ पार्क, करीब ३५ किलोमीटर लम्बी सड़कें हैं।
यहां सड़क निर्माण, सफाई, सीवरेज, नाला, सर्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, निर्माण व विकास कार्यों की वर्षों पुरानी समस्याओं का हल संभव नहीं लग रहा है। जानकारों का मानना है कि निगम का मौजूदा स्थितियों में इन दोनों कॉलोनियों के लोगों के साथ न्याय कर पाना संभव नहीं लगता। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हालांकि निगम अधिकारी सीधे रूप से कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन मौजूदा स्थितियों में दो और कॉलोनियों के निगम से जुडऩे से उनके माथे पर पसीना आ रहा है।
एक ही दिन में प्रक्रिया पूरी
जिस नगर निगम में लोग अपने आवास के निर्माण की अनुमति के लिए महीनों तक चक्कर लगाते हैं, उसी निगम ने आवासन मण्डल के करीब साढे़ पांच हजार आवासों को लेने की फाइल की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी कर ली। मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा से महज एक दिन पहले ५ सितम्बर को महापौर से लेकर आयुक्त और सभी अधिकारियों ने मण्डल की दोनों कॉलोनियों को लेने की प्रक्रिया पूरी की।
पहले मांगे ६४ करोड़, फिर पौने तेरह करोड़ में राजी
आवासन मण्डल की इन दोनों कॉलोनियों को लेने के लिए नगर निगम ने पिछले माह निर्माण और विकास कार्यों को लेकर ६४ करोड़ रुपए का तकमीना बनाकर आवासन मण्डल को भेजा था। गौरव यात्रा के दौरान निगम ने ६४ करोड़ रुपए के तकमीना को बदलकर महज १२ करोड़ ७६ लाख रुपए का बना दिया और आवासन मण्डल को भेज दिया। आवासन मण्डल ने इसे जल्द स्वीकार कर लिया और दोनों कॉलोनियों को हस्तांतरित करने को तैयार हो गया। मुख्यमंत्री ने ७ सितम्बर को इन दोनों कॉलोनियों को निगम को हस्तांतरित करने की घोषणा भी कर दी।
आमजन को राहत
आवासन मण्डल की कॉलोनियों के नगर निगम में हस्तांतरित होने से इन कॉलोनियों के लोगों को राहत मिलेगी। इसके लिए इन कॉलोनियों के जनप्रतिनिधि और जनता लम्बे समय से मांग कर रहे थे। सार्वजनिक कल्याण के काम के लिए निगम हमेशा तत्पर है। पहले से बेहतर सुविधाएं देंगे।
नारायण चौपड़ा, महापौर, नगर निगम बीकानेर
जनता के साथ धोखा
निगम अपने वार्ड संभाल नहीं पा रहा है। मुख्यमंत्री के दबाव में आवासन मण्डल की दो कॉलोनियों और देने से निगम की व्यवस्था डगमगाएगी। निगम के पास आय का साधन है नहीं, संसाधन भी पूरे नहीं हैं, एेसे में इन कॉलोनियों की जनता के कार्य नहीं होंगे। जनता परेशान होगी। तकमीने का ६४ करोड़ से पौने तेरह करोड़ रुपए का होना गलत है। निगम गुमराह कर रहा है।
जावेद पडि़हार, नेता प्रतिपक्ष, निगम
Published on:
10 Sept 2018 07:58 am
