
PBM Hospital
संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में हर दिन होने वाली नई व्यवस्थाएं मरीजों पर भारी पड़ रही हैं। हर विभाग नए-नए भवनों में संचालित कर दिए हैं, जहां पर सुविधाएं नाममात्र की हैं। इन हालातों में मरीजों को जांच के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
हर दिन होने वाली नई व्यवस्था से नई-नई समस्या भी सामने आ रही हैं, जिससे मरीज तो मरीज आमजन भी परेशान है। पीबीएम में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से लगाए गए सहायक रेडियोग्राफरों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। ट्रोमा और एक्स-रे के मुख्य विभाग में एक-एक सोनोग्राफी मशीन खराब है।
ऐसे में मरीजों की सोनाग्राफी समय पर नहीं हो रही। जनाना अस्पताल में केवल एक ही चिकित्सक के भरोसे सोनोग्राफी कराई जा रही है, जिसके चलते प्रसूताओं को तारीख पर तारीख मिल रही है। पीबीएम में हर दिन करीब 350 से 400 सोनोग्राफी होती है। वहीं एक्स-रे फिल्म की कमी भी कोढ़ में खाज का काम कर रही है।
काम बंद की चेतावनी
पीबीएम के ट्रोमा सेंटर में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से 10 सहायक रेडियोग्राफर लगे हुए हैं, जिन्हें दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। सहायक रेडियोग्राफरों ने एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं पीबीएम अधीक्षक को अलग-अलग ज्ञापन देकर वेतन दिलवाने की मांग की है। सहायक रेडियोग्राफरों ने चेतावनी दी है कि सोमवार तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो कार्य का बहिष्कार करेंगे।
इनका कहना है...
सोनोग्राफी मशीनें खराब है। इस संदर्भ में सुपरिटेंडेंट ऑफिस को अवगत करा दिया गया है। डारकोम प्रिंटर खरीद किया है। इससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज में सुविधा होगी। सहायक रेडियोग्राफरों को वेतन के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए हैं।
डॉ. जीएल मीणा, विभागाध्यक्ष एक्स-रे विभाग
पेपर पर एक्स-रे, नया प्रयोग
पीबीएम प्रशासन मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना के तहत डारकोम प्रिंटर खरीदा है। इस सप्ताह से इस मशीन पर प्रयोग किया जा रहा है। यहां मरीजों के एक्स-रे करने के बाद फिल्म डारकोम प्रिंटर से पेपर पर दी जा रही है।
हर दिन 90-100 फिल्में पेपर पर दी जा रही है। इसके प्रारंभिक प्रयोग के लिए चेस्ट का एक्स-रे पेपर पर नहीं देने की हिदायत है इसके बावजूद मरीजों को चेस्ट का एक्स-रे भी पेपर पर ही दिया जा रहा है।
Published on:
14 Apr 2017 11:52 am
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