
New road hopes tarnished
बज्जू. अंतरराष्ट्रीय सीमा से बज्जू होकर बीकानेर जाने वाली मुख्य सड़क के नवनिर्माण के अरमान एक बार फिर से धूमिल हो गए है। एक बार फिर से इा राजमार्ग पर पेचवर्क का कार्य शुरू हो गया है। लम्बे समय तक नई सड़क की उम्मीद लगाए ग्रामीण निराश है।
रणजीतपुरा से बज्जू 40 किलोमीटर व बज्जू से राष्ट्रीय राजमार्ग के सांखला फांटा तक ३८ किलोमीटर सड़क सहित ७८ किलोमीटर सड़क करीब एक दशक से से क्षतिग्रस्त है। इस सड़क से डामर के बाद में पत्थर निकलने से अब मिट्टी नजर आने लगी है और गहरे गड्ढे हो चुके है। फिर भी प्रशासन की ओर से इस महत्वपूर्ण सड़क पर ध्यान नही दे रही है। सड़क की दुर्दशा होने से आमजन के साथ दुर्घटना में घायलों को बीकानेर ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बॉर्डर सहित सैकड़ों गांवों से जुड़ी है सड़क
सांखला फांटा से बज्जू की ओर जाने वाली यह सड़क अंतरराष्ट्रीय सीमा सहित बज्जू व कोलायत तहसील के सैकड़ों गांवों के लिए प्रमुख सड़क है। ग्रामीणों ने बताया कि जोधपुर, जैसलमेर जिलों के दर्जनों गांवों के लोग भी इस सड़क का उपयोग करते हैं लेकिन इस सड़क की लम्बे समय से सुध नहीं ली जा रही है।
तीन नाम परिवर्तन
इस महत्वपूर्ण सड़क के गत तीन वर्षो में तीन बार नाम बदले गए है लेकिन एक बार भी इस सड़क को नया बनाने का काम शुरू नहीं हुआ। हर बार सड़क का नाम बदलने के साथ पेचवर्क का काम शुरू हो जाता और वह भी इतना घटिया स्तर का जो कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। सबसे पहले इस सड़क नाम एमडीआर ३७ का नाम दिया गया था जो दो-तीन वर्ष पहले पूर्व राज्य सरकार ने स्टेट हाइवे का नाम दिया।
स्टेट हाइवे के बाद डेढ-दो माह पहले केन्द्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने बीकानेर में भारतमाला प्रोजेक्ट कार्य का शुभारंभ के दौरान एक बार फिर से सांखला फांटे से बज्जू तक इस सड़क का नाम परिवर्तन कर राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दे दिया। अब इन दिनों बज्जू के आरडी ९३१ से सांखला फांटा के मध्य पेचवर्क का कार्य शुरू होने से लोगों ने निराशा जताई है।
नई सड़क के बजाय घटिया पेचवर्क
बज्जू से सांखला फांटा जाने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा हो गई। लोगों ने निजी गाड़ी से सफर करना बंद कर दिया है। राजमार्ग इतना खराब स्थिति में है कि सड़क के मध्य गहरे गढ्ढे बन चुके है। इससे परेशान होकर बज्जू से बीठनोक के मध्य करीब 10 किलोमीटर तक लोगों ने सड़क के किनारों पर कच्चा मार्ग निकाल लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि पेचवर्क भी घटिया किया जा रहा है और गड्ढों को छोड़ दिया है।
Published on:
12 Mar 2019 01:13 am
