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अब कैसे मिलेगा गरीब को भरपेट भोजन, अन्नपूर्णा रसोई पर लगाया ताला

अन्नपूर्णा रसोई योजना का लाभ जिम्मेदारों की लापरवाही की चलते जरूरतमंद लोगों को मिलना मुश्किल हो गया

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श्रीडूंगरगढ़.अन्नपूर्णा रसोई पर ताला लगाते हुए।

10 माह से नहीं मिला किराया

श्रीडूंगरगढ़. गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति को केवल 8 रुपए में भरपेट पौष्टिक भोजन खिलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई अन्नपूर्णा रसोई योजना का लाभ जिम्मेदारों की लापरवाही की चलते जरूरतमंद लोगों को मिलना मुश्किल हो गया है। लंबे समय से किराए का भुगतान नही करने पर मंगलवार को कस्बे की दो अन्नपूर्णा रसोई पर भवन मालिक ने ताला लगा दिया।

जानकारी के अनुसार कस्बे की सरदारशहर रोड व घूमचक्कर के पास संचालित अन्नपूर्णा रसोई पर ताला लगा दिया गया। रसोई पर ताला लगा देख यहां भोजन करने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। भवन मालिक आबिद बहलीम ने बताया कि करीब 10 माह से अन्नपूर्णा रसोई के किराए व बिजली बिल का भुगतान नही करने पर ताला लगाया है। आबिद ने बताया कि इस संबंध नगरपालिका प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाया गया था। इसके बावजूद किराए व बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया। इस पर मजबूरन ताला लगाकर अन्नपूर्णा रसोई को बंद किया गया है। वहीं पालिका के अधिशासी अधिकारी संदीप विश्नोई ने बताया कि इस संबंध में उच्चधिकारियों को पत्र भेजा गया था, लेकिन वहां से किराए का भुगतान नही किया गया। अब अन्नपूर्णा रसोई संचालन के लिए वैकल्पिक स्थान तलाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पालिका चेयरमैन मानमल शर्मा ने कहा कि इस सम्बंध में उनके पास लिखित रूप में कुछ नही आया था। मौखिक रूप से किराया नहीं मिलने की बात भवन मालिक ने कही थी। इस पर अधिशासी अधिकारी को अवगत करवाने की बात कही थी। गौरतलब है कि कस्बे में तीन अन्नपूर्णा रसोई का संचालन हो रहा था। दो रसोईयों पर ताला लगने के बाद अब मुख्य बाजार स्थित पालिका भवन में चल रही अन्नपूर्णा रसोई से ही लोगो को भोजन मिल सकेगा।

पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि जिले के कुल 39 अन्नपूर्णा रसोई संचालित है। अन्नपूर्णा रसोई के किराए, राशन आदि का भुगतान नही होने का मुद्दा खबर के माध्यम से राजस्थान पत्रिका ने कई बार प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका ने दाल रोटी के जुगाड़ को पैसे नहीं, अन्नपूर्णा रसोई का कैसे हो संचालन व पांच महीनों से रसोई संचालकों को नहीं हो रहा भुगतान, उधारी के राशन से भर रहे गरीबों का पेट शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर हालात सुधारने के लिए जिम्मेदारों ओर राज्य सरकार को चेताया था।