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एनपीएस में वर्षो तक हुई राशि की कटौती, मृत्यु के बाद न पेंशन मिल रही न अन्य परिलाभ

नगर निगम : एनपीएस के तहत नियुक्त हुए सात कर्मचारियों की सेवारत रहते हुए मृत्युनिगम ने पत्र लिख की इतिश्री, डीएलबी नहीं दे रहा दिशा-निर्देश

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एनपीएस में वर्षो तक हुई राशि की कटौती, मृत्यु के बाद न पेंशन मिल रही न अन्य परिलाभ

एनपीएस में वर्षो तक हुई राशि की कटौती, मृत्यु के बाद न पेंशन मिल रही न अन्य परिलाभ

बीकानेर. सरकारी सेवा में रहते हुए कर्मचारी मासिक वेतन से एक निश्चित राशि अपने भविष्य और परिवार के लिए संचित करता है, ताकि सेवानिवृत्त होने अथवा अन्य परिस्थितियों में यह राशि उसके अथवा परिवारजनों के काम आ सके। नगर निगम में एनपीएस के तहत नियुक्त हुए कई कर्मचारियों ने इसी सोच के साथ अपने मासिक वेतन से निर्धारित राशि की कटौती करवाई, लेकिन इन कार्मिकों की अचानक मृत्यु हो जाने पर निगम की ओर से इनके प्रान नम्बर नहीं बनवाने और राशि कर्मचारियों के खाते में जमा नहीं करवाने से मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को न पेंशन का लाभ मिल रहा है और ना ही एनपीएस के तहत अन्य परिलाभ।

वर्षो से मृतक कार्मिकों के परिवारजन निगम के चक्कर निकाल रहे है। बताया जा रहा है कि निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त हुए कर्मचारियों में से सात कर्मचारी ऐसे है, जो वर्ष 2004 के बाद नियुक्त हुए। उनके मासिक वेतन से एनपीएस के तहत वर्षो तक राशि भी काटी गई, लेकिन प्रान नम्बर नहीं होने और खाते में राशि जमा नहीं होने से इन कर्मचारियों को अब तक देय परिलाभ नहीं मिल पा रहा है।

राशि कर्मचारी के खाते में जमा होनी जरुरी
लेखा सेवा से जुड़े जानकारों का कहना है कि एनपीएस के तहत हर माह कर्मचारी के वेतन से निश्चित राशि की कटौती की जाती है। यह राशि कर्मचारी के परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नम्बर के खाते में जमा होनी आवश्यक है। नगर निगम में यह व्यवस्था है कि जितनी राशि कर्मचारी के वेतन से काटी जाती है, उतनी ही राशि निगम अपनी ओर से कर्मचारी के खाते में जमा करवाता है। परीविक्षा काल में कर्मचारी के फिक्स वेतन का दस प्रतिशत और कर्मचारी के स्थायी होने पर बेसिक प्लस डीए का दस प्रतिशत एनपीएस के तहत कटौती का प्रावधान है।

इन कर्मचारियों की हुई मृत्यु
निगम की स्थापना एच शाखा के अनुसार सात सफाई कर्मचारी ऐसे है जिनकी सेवारत रहते हुए मृत्यु हुई है। इन कर्मचारियों ने एनपीएस के तहत वर्षो तक निर्धारित राशि की कटौती हर माह करवाई। यह राशि निगम के खाते में जमा होती रही। इन कर्मचारियों के प्रान नम्बर जारी नहीं होने से यह राशि कर्मचारी के खाते में जमा नहीं हुई। निगम में ही पड़ी रही। इसी दौरान इन कर्मचारियों की मृत्यु हो गई। प्रान खाते में राशि जमा नहीं होने से एनपीएस के तहत जो देय लाभ इनके आश्रितों को मिलना चाहिए, वह आज तक नहीं मिल पाया है। एनपीएस के तहत नियुक्त हुए सफाई कर्मचारी नरेश, दिलिप, सुनिल, मैना, बिशनलाल, राजू और पवन की वर्ष 2016 से 2020 के मध्य मृत्यु हुई है।

वर्षो तक जमा हुई राशि
निगम की स्थापना एच शाखा की जानकारी अनुसार मृतक सफाई कर्मचारी नरेश, सुनील, दिलिप और मैना देवी की भर्ती वर्ष 2014 में हुई थी। दो साल के प्रोबेशन 2016 के बाद नरेश की मृत्यु 2018 में, दिलिप की 2019 में, सुनील की 2018 में, मैना की 2019 में मृत्यु हुई। बिशनलाल की भर्ती वर्ष 2011 में हुई। प्रोबेशन पीरियड 2013 में पूरा हो गया। मृत्यु 2019 में हुई। कर्मचारी राजू की मार्च 2020 में मृत्यु हुई। इन कर्मचारियों एनपीएस के तहत की गई कटौती की राशि निगम में जमा है।

निगम असंमजस में, डीएलबी से दिशा-निर्देश नहीं
एनपीएस के तहत नियुक्त हुए कर्मचारियों की सेवारत में रहते हुए मृत्यु के प्रकरणों में उनके परिवारजनों को पारिवारिक पेंशन और ग्रेज्युएटी को लेकर स्पष्ट नियम अब तक सामने नहीं आए है। निगम जुलाई २०२० में मुख्य लेखाधिकारी निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग जयपुर को पत्र लिखकर इतिश्री कर चुका है। इस पत्र में निगम ने ऐसे प्रकरणों में पेंशन -ग्रेज्युएटी देय है अथवा नहीं को लेकर दिशा निर्देश मांगे थे जो अब तक सात माह बाद भी नहीं मिले है।

जल्द बनेंगे प्रान
निगम एनपीएस के तहत नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों के प्रान नम्बर जारी करवाने को लेकर गंभीर है। संबंधित वेबसाइट के धीमी गति से चलने के कारण कार्य धीमी गति से चल रहा है। जल्द इस कार्य की गति को बढ़ाया जाएगा ताकि सभी कर्मचारियों के प्रान नम्बर जल्द जारी हो जाए। मृतक कर्मचारियों के संदर्भ में जल्द जानकारी लेकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
पंकज शर्मा, उपायुक्त नगर निगम, बीकानेर।