
श्वान
बीकानेर . शहर में लगातार बढ़ रही श्वानों की संख्या पर अब रोक लगेगी। नगर निगम की ओर से पशुपालन विभाग के सहयोग से श्वानों की नसबंदी करवाई जाएगी। इस कार्य में नगर निगम की ओर से स्वयंसेवी संस्था का भी सहयोग लिया जा सकता है।
नगर निगम की ओर से नसबंदी करने के लिए श्वानों को जिस स्थान से पकड़ा जाएगा, नसबंदी के बाद पुन: उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा। इस कार्य के लिए स्थानीय निकायों को हरी झण्डी मिल गई है। श्वानों की नसबंदी के लिए दर डीलएबी की ओर से निर्धारित की जाएगी, ताकि निर्धारित दरों पर श्वानों की नसबंदी के कार्य को शुरू किया जा सके।
नौ माह हुई थी नसबंदी
नगर निगम की ओर से श्वानों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए अगस्त-2009 में श्वानों की नसबंदी का कार्य एक एनजीओ के माध्यम से शुरू किया गया था। यह कार्य मई-2010 तक चला था। इसके बाद एनजीओं की ओर से नसबंदी कार्य बंद कर दिया गया। तब से शहर में श्वानों की संख्या लगातार हर वर्ष बढ़ रही है।
बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाएं
जिले में शहर से गांवों तक डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष जनवरी से सितम्बर माह तक नौ माह में करीब दस हजार से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार हर माह करीब 1100 लोगों को श्वान काट रहे हैं, जो विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जयपुर में हुई बैठक में मिले थे निर्देश
नगर निगम की ओर से श्वानों की संख्या पर रोक के लिए नसबंदी करवाई जाएगी। इसके लिए हाल ही जयपुर में हुई बैठक में निर्देश मिले थे। डीएलबी श्वानों की नसबंदी के लिए दर निर्धारित करेगा, उसी दर के अनुसार श्वानों की नसबंदी का कार्य करवाया जाएगा। जिस स्थान से श्वानों को पकड़ा जाएगा, नसबंदी के बाद उनको पुन: उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा।
डॉ. राष्ट्रदीप यादव, उपायुक्त, नगर निगम बीकानेर
Published on:
01 Oct 2017 01:20 pm
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