
वृद्धा को मृत बताकर रोकी पेंशन
नोखा. सरकार के नुमाइंदे योजनाओं का लाभ कितना पात्र लोगों तक पहुंचा रहे हैं और उसमें कितनी घोर लापरवाही हो रही है। इसकी बानगी सुनोगे, तो आप भी दंग रह जाओगे। नोखा तहसील में कुदसू की आसी देवी और कवंलीसर का गुमानराम लुहार सहित कुछ ऐसे पेंशनधारियों के केस सामने आए हैं, जो जिंदा है, लेकिन पेंशन रिकॉर्ड में उनको मृत बताकर पेंशन रोक दी गई है।
इसका खुलासा तब हुआ, जब पेंशनधारियों की पेंशन खाते में नहीं आई तो उन्होंने संबंधित विभाग में जाकर पेंशन नहीं आने का कारण पूछा, तो उनको जवाब सुनने को मिला कि पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मौत हो चुकी है। इस पर कुछ पेंशन धारियों ने अपने आप को जिंदा होना बताकर उसके सबूत भी पेश किए, लेकिन उसके बावजूद भी पेंशन शुरू नहीं की गई।
नौकरी की कहकर रोकी
&मुझे पहले वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। अब पांच माह से पेंशन नहीं मिल रही है। पता किया तो बताया कि आपके परिवार में बेटे की नौकरी लग गई, इसलिए पेंशन बंद कर दी। जबकि दोनों बेटे मजदूरी करते हैं।
ईश्वरराम जाट, पीडि़त बंधड़ा
पहले रोकी, अब शुरू
मुझे पेंशन रिकॉर्ड में मृत बताकर मेरी १८ माह तक वृद्धावस्था पेंशन रोके रखी। चक्कर लगाए तो अब फिर से मेरी पेंशन शुरू की है लेकिन बकाया पेंशन नहीं मिली।
माधुराम शर्मा, पीडि़त लूम्बासर
मुझे विकलांग पेंशन मिलती थी, अब सालभर से पेंशन नही मिल रही है। कई बार चक्कर लगाए, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पेंशन शुरू नहीं हुई।
गंगाराम जांगिड़, पीडि़त स्वरूपसर।
सात माह से बंद
मुझे सात माह से विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। इसके लिए कई बार चक्कर काट आई, संपर्क पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज करा दी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
मालू देवी, पीडि़ता कक्कू।
मुझे करीब १४ माह से विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। पांचू पंचायत समिति में गई, वहां बताया कि पेंशन रिकॉर्ड में उसे मृत बताकर पेंशन बंद कर दी गई है।
आसीदेवी, पीडि़ता कुदसू
Published on:
24 May 2018 01:08 pm
