आज वर्ल्ड होप डे यानी विश्व उम्मीद दिवस है। यह दिन हमें सिखाता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, उम्मीद और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है।
आज वर्ल्ड होप डे यानी विश्व उम्मीद दिवस है। यह दिन हमें सिखाता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, उम्मीद और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है। बीकानेर के मेहुल पुरोहित ने इस बात को सच कर दिखाया है। अगर आपको लगता है कि बड़े शहरों के लोग ही डिजिटल दुनिया में नाम कमाते हैं, तो मेहुल की कहानी आपकी सोच बदल देगी। उनके पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। उनकी मां मधु पुरोहित ने अकेले अपने बेटे को पाला। इसी संघर्ष ने मेहुल को मजबूत बना दिया।
11वीं क्लास में ही उन्होंने गूगल और यूट्यूब से मुफ्त में ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग सीखनी शुरू कर दी। 2021 में उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की। आज उनकी कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स और बॉलीवुड सितारों के लिए डिजिटल कैंपेन चलाती है।
जून 2025 में मुंबई में हुए इंटरनेशनल ग्लोरी अवार्ड्स में मेहुल को बेस्ट ब्रांड रेपुटेशन मैनेजमेंट एजेंसी का अवार्ड मिला। यह सम्मान उन्हें बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अपने हाथों से दिया। उनकी यह उपलब्धि आज हर युवा के लिए उम्मीद की एक रौशनी है। बीकानेर जैसे छोटे शहर से निकलकर मेहुल ने यह साबित कर दिया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, अगर इरादा पक्का हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।