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हॉस्टल के एक कमरे में दो छात्राएं ताकि नहीं हो बोरियत, लगा रहे मन

one room in two students do not bored in bikaner एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन मेडिकल छात्रों को एकांकीपन से उबारने के लिए नई पहल शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके प्रस्ताव तैयार करने के साथ सभी विभागाध्यक्षों से मशविरा किया है।
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बीकानेर. एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन मेडिकल छात्रों को एकांकीपन से उबारने के लिए नई पहल शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके प्रस्ताव तैयार करने के साथ सभी विभागाध्यक्षों से मशविरा किया है।

कॉलेज प्रशासन इंटर्न छात्रा मनीषा कुमावत की आत्महत्या के बाद अब हॉस्टल में रहने वालों मेडिकल विद्यार्थियों के लिए नियमों में बदलाव कर रहा है। हालांकि इसके लिए मेडिकल छात्रों से भी राय ली जाएगी। साथ ही मेडिकल छात्रों की काउंसलिंग व्यवस्था भी की जाएगी।


यह है रहने की व्यवस्था
बॉयज हॉस्टल चार हैं। इनमें ट्रिपल सिटेड १७७, सिंगल सिटेड २६० कमरे हैं। इन कमरों में ७९१ मेडिकल छात्र रह रहे हैं। इसी प्रकार गल्र्स के तीन हॉस्टल हैं। इन हॉस्टलों में ट्रिपल सिटेड ५४, सिंगल सिटेड ४१ और एक हॉल, जिसकी क्षमता २७ सीट है। इन कमरों में २०३ छात्राएं रह रही है। इसके अलावा इंटर्न कर रहे मेडिकल छात्र व छात्राओं के लिए१०७ कमरों की व्यवस्था हैं। ९० छात्र-छात्राओं और १६० छात्राओं के लिए न्यू हॉस्टल बना है।

कॉल डिटेल पर अटकी जांच
बीकानेर. एसपी मेडिकल कॉलेज की इंटर्न छात्रा मनीषा कुमावत सुसाइड की जांच मोबाइल की कॉल डिटेल पर अटक गई है। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल नहीं निकलवा पाई है।

जांच अधिकारी एवं जेएनवीसी थानाधिकारी गोविंदसिंह चारण ने बताया कि इंटर्न छात्रा मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने के आवेदन किया है, लेकिन अभी कॉल डिटेल नहीं मिल पाई है। कॉल डिटेल मिलने के बाद आगे जांच बढ़ पाएगी। गौरतलब है कि कॉलेज की इंटर्न छात्रा मनीषा कुमावत ने शनिवार को न्यू गल्र्स हॉस्टल के १०२ नंबर कमरे में फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी।

समस्या यह भी
इंटर्न करने वाले छात्र-छात्राएं साथ में प्री-पीजी एग्जाम की तैयारी करते हैं। जिनकी अस्पताल में प्रेक्टिकल के लिए छह घंटे निर्धारित ड्यूटी लगती है। इसके बाद उनका काम हॉस्टल में पढ़ाई करना हैं। सूत्रों के अुनसार इंटर्न छात्र-छात्राएं प्री-पीजी की तैयारी करते हैं जिस वजह से वह सिंगल रूम ही लेते हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन उन्हें सिंगल रूम अलॉट करता हैं।

कमरे हैं छोटे
हॉस्टलों के कुछेक कमरे केवल एक व्यक्ति के रहने योग्य है। ऐसे में जिन कमरों में दो छात्रों को ठहराया जा सकता है, उन्हें शिफ्ट करने का काम करेंगे ताकि कोई छात्र तनाव में हो तो वह अपने साथी से बातचीत कर तनाव को कम कर सके तथा उसका साथी कॉलेज प्रशासन को अवगत करा सके। यह व्यवस्था शीघ्रलागू करेंगे।
डॉ. एचएस कुमार, प्राचार्य एसपी मेडिकल कॉलेज

नए हॉस्टल का प्लान
बीकानेर में मेडिकल छात्र-छात्राओं के रहने की पर्याप्त व बेहतर सुविधा हैं। छात्रों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पीजी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए नया हॉस्टल जिसमें १०५ कमरे और हॉल बनवाने का प्लान प्रोजेक्ट में है। सरकार से बजट व मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। इस बारे में कॉलेज प्रशासन को भी अवगत कराया गया है।
डॉ. जीएल मीणा, चीफ वार्डन

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