सफाई ठेका पौने तीन करोड़ सालाना, फिर भी सड़ांध मारता पीबीएम अस्पताल

सफाई ठेका पौने तीन करोड़ सालाना, फिर भी सड़ांध मारता पीबीएम अस्पताल

Atul Acharya | Updated: 18 Jul 2019, 10:25:47 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

bikaner pbm hospital- अस्पताल प्रबंधन ने वरिष्ठ लेखाधिकारी को दिया नोटिस

 

बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में सफाई के लिए पौने तीन करोड़ रुपए का ठेका होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदतर है। अस्पताल में गंदगी, ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ होने से सीवरेज का पानी परिसर में फैला है। ठेका फर्म की ओर से सफाई कर्मियों को भुगतान नहीं करने पर वे दो दिन से हड़ताल पर हैं। ऐसे में पूरा पीबीएम अस्पताल परिसर सड़ांध मार रहा है। वार्डों, गैलरियों व शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। अस्पताल प्रबंधन ने वरिष्ठ लेखाधिकारी कमलकांत गोयल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार बुधवार को जारी रखा। सफाई कर्मचारी जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन करने पहुंचे।

 

 

इसके बाद भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके बैरवाल व एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एचएस कुमार से मिला। उन्होंने वेतन नहीं मिलने से गड़बड़ाई सफाई व्यवस्था पर रोष जताया। करीब पौने घंटे की बहस के बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों को भुगतान करने का वादा किया। इसके बाद सफाई कर्मचारी काम पर लौटे।

 

 

अधिकारी के खिलाफ हो कार्रवाई
भाजपा(BJP) पदाधिकारियों ने अधिकारियों से ठेके और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली, तब सफाई में हो रही धांधली का पता चला। उन्होंने सफाई ठेके में कमीशन को लेकर वायरल ऑडियो में शामिल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, मोहन सुराना आदि शामिल थे।

 

 

ठेके का एमओयू
ठेकेदार सफाई कर्मचारियों को हर माह की सात तारीख को भुगतान करेगा।
कुल २२५ कार्मिक तैनात रहेंगे, उन्हें ठेकेदार ऑनलाइन भुगतान करेगा।
४३ स्वचालित मशीनें लगानी होंगी। वर्तमान में केवल पांच ही चालू हैं।

 


दो करोड़ ७२ लाख का ठेका

पीबीएम में सफाई व्यवस्था के लिए दो करोड़ ७२ लाख का ठेका दिया हुआ है। इससे पहले सफाई का
ठेका एक करोड़ २५ लाख का था। एेसे में ४७ लाख रुपए ज्यादा देने के बावजूद सफाई व्यवस्था सुधरने की बजाय और बिगड़ गई। फर्म को ठेके की शर्तों के मुताबिक २२५ प्वाइंट पर कर्मचारी लगाने थे, जबकि १२५ प्वाइंट पर ही कार्मिक काम कर रहे हैं।

 

 

भाजपा प्रतिनिधिमंडल का यह आरोप
भाजपा(BJP) जिला उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। ठेकेदार फर्म ने सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआइ के भुगतान की जो सूची बताई है, उसमें यहां कार्यरत एक भी कर्मचारी का नाम नहीं है। फर्म के भुगतान दस्तावेज भी सही नहीं है। सरकारी लेन-देन के लिए एसबीआइ अधिकृत है। फर्म का खाता भी एसबीआइ में होने के बावजूद उससे कार्मिकों को भुगतान नहीं कर रहे।

 


दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी
वरिष्ठ लेखाधिकारी कमलकांत गोयल को १७ सीसीए का नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। पूरे प्रकरण की ऑडिट कराई जा रही है। रिपोर्ट में जिसकी गड़बड़ी सामने आएगी, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एचएस कुमार,प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज

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