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गर्मी-उमस से बढ़े ‘फंगल इंफेक्शन’ के मरीज, जानिए इससे बचाव के तरीके

गर्मी और पसीने ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। बच्चे-बूढ़े और महिलाएं फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। उमस वाले मौसम में फंगल इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टिरिया सक्रिय हैं।
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Fungal Infection

Fungal Infection

बीकानेर. गर्मी और पसीने ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। बच्चे-बूढ़े और महिलाएं फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। उमस वाले मौसम में फंगल इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टिरिया सक्रिय हैं। वैसे चिकित्सकों के मुताबिक बीते सात-आठ सालों में फंगल इंफेक्शन सौ गुना ज्यादा ताकत के साथ सक्रिय है। आमतौर पर पखवाड़ेभर से एक माह में सामान्य दवाओं में ठीक होने वाले इस फंगल इंफेक्शन में अब तीन से नौ महीने लग रहे हैं।

दवाओं पर भी हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहा है। वर्तमान हालात यह है कि ५० फीसदी लोग इस बीमारी से पीडि़त होकर पीबीएम अस्पताल के चर्म एवं रति रोग विभाग में अब इलाज लेने पहुंच रहे हैं। पीबीएम के चर्म रोग विभाग में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं। इलाज के लिए पहुंचने वाले करीब ६५0 मरीजों में से ३७५ मरीज फंगल इंफेक्शन के शिकार हैं। गर्मी और उमस वाले मौसम में फंगल इंफेक्शन आम है। हाथ-पैर, कोहनी, पैर के पंजे और जांघ में होने वाले फंगल से दिक्कत होती है।

दवाइयां हो रही बेअसर
आमतौर पर इस मौसम में मामूली-सी दाद खुजली होने पर लोग चिकित्सक की सलाह के बगैर दवा ले लते हैं। कई लोग फ्लूकोनाजॉल टेबलेट का सर्वाधिक उपयोग करते हैं। बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का उपयोग करने से फंगल इंफेक्शन ने खुद को इन दवाओं के प्रति रजिस्टेंट कर लिया है, जिस कारण अब दवाएं बेअसर हो रही है।

इसी के चलते जहां साधारण-सी बीमारी चार रुपए की कीमत में आने वाली एंटी फंगल दवाई एक महीना सप्ताह तक लेने से ही ठीक हो जाती थी। वहीं, अब महंगे कैप्सूल दो महीने तक लगातार लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रही है। यह इंफेक्शन पिछले सात-आठ सालों में सौ गुना ज्यादा ताकतवर हुआ है।

बचाव के तरीके...
फंगल इंफेक्शन एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। घर में किसी सदस्य को यह बीमारी है तो उसके उपयोग किए हुए कपड़े, चप्पल, कंघी, टॉवल, अंडर गारमेंट एवं अन्य कपड़े उपयोग नहीं करें। कपड़ों की सफाई ढंग से करें। बीमार व्यक्ति के कपड़े किसी अन्य के कपड़ों के साथ नहीं धोए। सूती और ढीले कपड़े पहने। कपड़ों को उबले हुए पानी में धोए और प्रेस करके ही पहने।

ये है फंगल इंफेक्शन
यह डरमेटो फाइट नामक फंगस से होता है। इस बीमारी के मरीज के शरीर पर गोल लाल चकते बनने लगते हैं, जिसमें बहुत तेज खुजली होती है। यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती है। वैसे यह बीमारी ज्यादातर शरीर के नमी वाले हिस्सों पर होती है।

इनका कहना है...
5० प्रतिशत मरीज फंगस इंफेक्शन के शिकार होकर इलाज के लिए आ रहे हैं। बिना चिकित्सक को चेकअप कराए लोग स्टॉरोयड क्रीम जैसे बेटनोवेट लोबेट जीएम, फोरडर्म आदि उपयोग ले लेते हैं। इसके बाद सामान्य दवाइयां काम नहीं करती और मरीज की बीमारी बढ़ जाती है।
डॉ. बीसी घीया, एसोसिएट प्रोफेसर चर्म एवं रति रोग विभाग पीबीएम


६५0 रोजाना मरीज
३७५ फंगल के शिकार
१७000 ओपीडी संख्या
हर माह
५० प्रतिशत मरीज बढ़े

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