
चन्द्रप्रकाश ओझा
सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड कर पैसे कमाने की लोगों में ललक को भांपकर ठगों ने इसे ठगी का नया हथियार बना लिया है। झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही इसका प्रचार कर लोगों को फांसते हैं। लोगों को मोबाइल पर कॉल कर यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज को मोनोटाइज करने का ऑफर देते हैं। इसके बदले फीस के नाम पर ऑनलाइन रुपए लेते हैं। पैसे मिलते ही मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं।
इस पैटर्न की जब पत्रिका ने पड़ताल की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। ठगों के निशाने पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्यादा हैं। यूट्यूब चैनल मोनोटाइज कराने के नाम पर 200 से 2000 रुपए तक की फीस लगने की बात कहकर क्यूआर कोड भेजते हैं। फिर ठगी करते हैं। पत्रिका अभियान की खबर की फोटो भेजने पर ठग ने चेट डिलीट कर दी।
पत्रिका ने सोशल मीडिया चैनल या पेज को मोनोटाइज करने के विज्ञापनों में दिए नंबरों पर कॉल की। किसी ने क्यूआर कोड भेजकर रुपए भेजने के लिए कहा। उनसे बैंक खाते की डिटेल मांगी, तो खाता धारक का नाम तक भेज दिया। खातों की पड़ताल की, तो ये यूपी और एमपी के बैंक शाखाओं के मिले। ऐसे लोगों से बात की जिसमें कई खुलासे हुए-
शेयर बाजार में निवेश कर अच्छा रिर्टन दिलाने के मामले तो पुलिस तक आ रहे हैं। यूट्यूब या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मोनोटाइज कर पैसे कमाने का लालच देकर ठगी के मामले अभी ज्यादा सामने नहीं आए हैं। फिर भी कोई ऐसा करे, तो रिपोर्ट करें। कोई कॉल कर कहे, तो उस पर विश्वास नहीं करें। फिर भी कोई ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत पुलिस निरीक्षक साइबर थाने को सूचना दें।
Updated on:
10 Dec 2024, 7:38 AM IST
Published on:
10 Dec 2024, 7:35 AM IST
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