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पत्रिका स्टिंग: 100 रुपए के स्टाम्प की कीमत 130, बेच रहे 150 से 170 तक

स्टाम्प वेंडर को प्रशासन देता है लाइसेंस, अधिकारियों की नाक के नीचे हो रही अवैध वसूली।

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पत्रिका स्टिंग: 100 रुपए के स्टाम्प की कीमत 130, बेच रहे 150 से 170 तक

पत्रिका स्टिंग: 100 रुपए के स्टाम्प की कीमत 130, बेच रहे 150 से 170 तक

दिनेश कुमार स्वामी

बीकानेर. अनुबंध, शपथ पत्र से लेकर रजिस्ट्री और एग्रीमेंट की सरकारी वैधता सुनिश्चित करने वाले स्टाम्प की तीस से चालीस प्रतिशत तक ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से स्टाम्प विक्रेताओं को लाइसेंस दिए जाते हैं। उन्हें सरकारी तय दर पर इन्हें बेचना होता है। इसके लिए बाकायदा कमीशन भी मिलता है, लेकिन स्टाम्प विक्रेता स्टाम्प की सरकारी तय दर से ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। वह भी प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे।

यह खेल अकेले बीकानेर संभाग मुख्यालय पर ही नहीं, पूरे प्रदेश में तहसीलों, जिला मुख्यालयों और कोर्ट-कचहरी के बाहर बेधड़क चल रहा है। राजस्थान पत्रिका ने इस गोरखधंधे का खुलासा करने के लिए अलग-अलग कीमत के स्टाम्प खरीदे। जिसके जितना मन में आया, स्टाम्प की कीमत मांगते मिले। ग्रामीण अंचल के लोगों से तो स्टाम्प को लिखकर देने और नोटेरी से सत्यापित कराने तक का पूरा काम कर 100 रुपए के स्टाम्प के ढाई सौ रुपए तक वसूलने से गुरेज नहीं करते। पत्रिका रिपोर्टर ने शनिवार को अवकाश के दिन सौ रुपए का स्टाम्प खरीदा तो वेंडर ने 170 रुपए ले लिए। ऊपर से छुट्टी के दिन स्टाम्प दे रहे होने का अहसान और गिना दिया।

केस वन : महंगा मिलता है क्या करें

स्थान: तहसीलदार ऑफिस के सामने

रिपोर्टर- 100 रुपए का स्टाम्प देना।

स्टाम्प विक्रेता- आधार कार्ड दो।रिपोर्टर- कितने का है।

स्टाम्प विक्रेता- 150 रुपए का।रिपोर्टर- ज्यादा मांग रहे हो।

स्टाम्प विक्रेता- आपको ज्यादा लग रहे है, हमें नहीं।रिपोर्टर- कीमत तो पीछे 130 रुपए लिखी है।

स्टाम्प विक्रेता- पीछे से हमें ही 135 रुपए का मिलता है, क्या करें।रिपोर्टर- 500 का स्टाम्प कितने का है।

स्टाम्प विक्रेता- 680 रुपए का।(स्टाम्प राशि पर प्रभारित अधिभार सहित 100 रुपए के स्टाम्प की वास्तविक कीमत 130 और 500 रुपए के स्टाम्प की 650 रुपए है।)

केस-2 : 80 में बेचते हैं, आपसे कम मांगे हैं...

स्थान: तहसीलदार ऑफिस के सामने

रिपोर्टर- 50 रुपए का स्टाम्प कितने का मिलेगा।

स्टाम्प विकेता- 70 रुपए का।

रिपोर्टर- यह तो 65 रुपए का आता है।

स्टाम्प विक्रेता- दूसरे 80 में बेचते हैं, आपसे कम मांगे है।रिपोर्टर- पैमेंट ऑनलाइन करूंगा।

स्टाम्प विक्रेता- फोन पे का कोड देते हुए, कर दीजिए।

रिपोर्टर- 70 रुपए का भुगतान कर दिया।स्टाम्प विक्रेता- यह लीजिए...।

पहले से तीस फीसदी भार, ऊपर से मनमानी राशि की मार

भारतीय गैर न्यायिक स्टाम्प 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए, 500 रुपए आदि राशि के है। प्रदेश में सरकार ने राजस्थान स्टाम्प अधिनियम 1998 के अंतर्गत स्टाम्प राशि पर अधिभार लगा रखे हैं। इनमें आधारभूत अवसंरचना सुविधाओं हेतु दस प्रतिशत, गाय और उसकी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए बीस प्रतिशत अधिभार लगता है। यानि 50 रुपए का स्टाम्प अधिभार के बाद 65 रुपए और 100 रुपए का स्टाम्प की विक्रय कीमत 130 रुपए है। स्टाम्प विक्रेता बीस से तीस प्रतिशत ज्यादा राशि लोगों से वसूलते हैं।

यह है नियम

स्टाम्प विक्रेता को स्टाम्प कोष कार्यालय से जारी होते हैं। स्टाम्प पर जितने रुपए छपे होते हैं, वह उतने का ही होता है। राज्य सरकार के अधिभार को स्टाम्प के पीछे मोहर लगाकर स्टाम्प विक्रेता दर्ज कर देता है। उस पर कुल कीमत भी लिखी रहती है। स्टाम्प विक्रेता को अपने काउंटर पर उपलब्ध स्टाम्पों की तादाद, कीमत आदि को प्रदर्शित भी करना होता है। परन्तु अधिकांश स्टाम्प विक्रेताओं के यहां कितने स्टाम्प उपलब्ध हैं, कीमत आदि का ब्यौरा प्रदर्शित नहीं है।

कमेटी बनाई, फिर भी नहीं माने

यह सही है कि स्टाम्प विक्रेता मनमानी राशि वसूलते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए बार एसोसिएशन ने एक कमेटी बनाकर सभी को पाबंद भी किया। स्टाम्प वेंडर को अपने यहां लिस्ट और स्टाम्प की कीमत प्रदर्शित करनी होती है। स्टाम्प लिखने से लेकर प्रमाणित कराने तक का ठेका ले रहे हैं। जो गलत है।

- विवेक शर्मा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन बीकानेर

ज्यादा कीमत वसूलने पर करेंगे कार्रवाई

स्टाम्प वेंडर को नियमों के तहत लाइसेंस दिया जाता है। यदि कोई तय कीमत से ज्यादा वसूलता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उसे रेट लिस्ट और स्टाम्प की उपलब्धता को प्रदर्शित करना पड़ेगा।

-भगवती प्रसाद कलाल, जिला कलक्टर बीकानेर