राजस्थान पत्रिका की ओर से देश के तीन राज्यों का राजनीति सर्वे प्रदेशों की भाजपा सरकार और विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस पार्टी और जनप्रतिनिधियों को वास्तविक स्थिति का भान करवाने एवं आंखें खोलने वाला रहा। सर्वे के जरिए से पत्रिका ने सभी को समय रहते चेताया है।
यह भी बताया है कि जनता आकलन करती है। जनता के प्रति दायित्व नहीं निभाने वाली सरकारों, पार्टियों और नेताओं को जनता सबक सिखा देती है। यह बात पत्रिका समूह का सर्वे मिजाज- ए- सियासत में तीन राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पत्रिका सर्वे पर की गई परिचर्चा में खुलकर सामने आई।
कांग्रेस : जनता चाहती है बदलाव
तीन प्रदेशों की बहुसंख्यक जनता बदलाव चाहती है। जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता में रोष है। इसका कारण है कि जनता के साथ किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं। बीकानेर में ही देख ले सवा चार साल में सरकार ने श्रीडूंगरगढ़ कॉलेज एवं एम.एस.कॉलेज को संघटक कॉलेज नहीं बना सकी। महंगाई बढी है। रोजगार नहीं मिला है। तकनीकी वि.वि. नहीं खुला है। भाजपा सरकार वादों पर खरी नहीं उतरी है।
डॉ. बी.डी.कल्ला
कोई दिखाने योग्य काम नहीं
भाजपा की सरकार की घोषणाए थोथी साबित हुई है। 15 हजार युवाओं को रोजगार देने की बात नितान्त गलत साबित हुई। युवा भटक रहे हैं। युवाओं को रास्ता दिखाने जैसा कोई काम नहीं हुआ है। शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में राज्य सरकार कोई दिखाने योग्य काम नहीं किया है।
सुनीता गौड़
भाजपा : आंखें खुली, फिर लौटेंगे सत्ता में
सर्वे सबको चेताने वाला है। सत्ता पक्ष या विपक्ष दोनों को स्वीकार करने में संकोच नहीं होना चाहिए। जनता सरकार से काम चाहती है। किसी भी सरकार ने घोषणा पत्र को पूरा नहीं किया है। जनता की उम्मीदें बढ़ती जाती हैं। भाजपा सरकार गलतियों को स्वीकार शेष कार्य पूरा करे।
नंदकिशोर सोलंकी
लोग जागरूक हुए
राज्य के स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ है। यह बात सही है कि जनता का राजनेताओं से भरोसा उठ रहा है। कांग्रेस के नेता आपस में झगड़ रहे हैं। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि लोग जागरूक हुए हैं। अगले कुछ महीनों में कामों के परिणाम सामने आने पर जनता का मन बदलेगा।
सुरेन्द्र सिंह शेखावत
पत्रिका का सर्वे आम अवाम की भावना
पत्रिका सर्वे सही है। इस सर्वे से आम-अवाम की भावना उजागर हुई है। जनता क्या चाहती है उसका प्रकटीकरण है। कांग्रेस चार साल विपक्ष की सक्रिय भूमिका में रही है। भाजपा की सरकार मूक बधिर होकर सरकार चला रही है।
यशपाल गहलोत
नब्ज टटोली
पत्रिका सर्वे से जनता की नब्ज टटोली गई है। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने बेहतर काम किया है। भाजपा की सरकार हठधर्मिता से काम कर रही है। बीकानेर में भाजपा सरकार ने घोषित विकास के कार्य नहीं किए हैं। इस राज में बीकानेर का कोई भला हुआ हो दिखाई नहीं देता।
जिया उर रहमान
विधायकों से असंतुष्ट है जनता
सर्वे पर कोई प्रश्न नही है। असंतोष है। इसका स्वाभाविक कारण है कि विधायक ज्यादा काम नहीं कर पाए। जनता की विधायकों के प्रति नाराजगी है। जनता की अपेक्षा भी विधायकों से ज्यादा रही है।
इस कारण से सरकार का विरोध है।
रमेश अरोड़ा
वादे पूरे नहीं कर पाई सरकार
राजस्थान में भाजपा की सरकार वादे पूरे नहीं कर पाई। १५ लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की। युवाओं को रोजगार नहीं दिया गया है। महंगाई बढ़ी है। आधारभूत संसाधनों का विकास नहीं हुआ है। लोग त्रस्त है। जनता सरकार के काम से संतुष्ट नहीं है।
रिजाय खां
सर्वे निर्णायक नहीं
सर्वे कोई निर्णायक नहीं है। चुनाव के समय जन मानस क्या कहता है सब उस पर निर्भर है। कांग्रेस, भाजपा का विरोध उसके विधायकों की भूमिका को लेकर है। विकास के काम हुए नहीं है।
बुनियाद हुसैन
जनता असहाय
राजस्थान में जनता लुट गई है। जनता विवश व असहाय महसूस करती है। विकास के मुद्दे पर न तो काम हो रहा है और न ही सुनवाई हो रही है। राजनीति पैसे की हो गई है। सर्वे में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सही तस्वीर पेश की गई है।
शिवाजी आहूजा
सरकार भ्रमित
राजस्थान से लेकर तीन सरकारों और केन्द्र की सरकार भ्रमित कर रही है। सरकार नॉन फंक्शनल है। आम लोगों की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। युवाओं को रोजगार नहीं दिया गया है। सरकार भगवे की राजनीति करने में लगी है।
गौरी शंकर व्यास
सरकार से भाजपा के नेता भी असंतुष्ट
राजस्थान में भाजपा की सरकार से पार्टी के नेता भी असंतुष्ट से महापौर से पार्षद, विधायकों से कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री से विधायक असंतुष्ट है। भाजपा के कार्यकाल में आधारभूत संसाधनों का विकास नहीं हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे जरूरी काम नहीं हो पाए है।
जावेद परिहार
नहीं मिली राहत
सर्वे में जनता की राय में सरकार के प्रति असंतोष झलकता है। कांग्रेस ने बीकानेर में विपक्ष की पूरी भूमिका निभाई है। नगर निगम से लेकर विधानसभा तक असंतोष उभरा हुआ है। जनता की उम्मीद पूरी नहीं हो पा रही है।
रमजान कछावा
पत्रिका सर्वे दिशा देने वाला
पत्रिका का सर्वे दिशा देनेवाला है। प्रदेश की राजनीति को दिशा देने की दृष्टि से अच्छा काम हुआ है। सर्वे में भाजपा और कांग्रेस दोनों को इंगित करते हुए वास्तविकता सामने रखी है। केन्द्र सरकार बढिया काम कर रही है। प्रदेश में भी बहुमत की सरकार है।
अशोक भाटी
सरकार पीड़ाओं को समझें
भाजपा सरकार आडम्बर करती है। लोगों के हितों की बात कम करती है। जनता पीडि़त है। जनता की पीडाओं को समझने की जरूरत है। पहले नोटबंदी से तथा बाद में जीएसटी से जनता दुखी है। राजस्थान सरकार ने भी ऐसा विकास का कोई काम नहीं किया है जिससे जनता को संतुष्टि मिले।
जमना बारूपाल
पत्रिका ने राजनीति दलों की ऑखें खोली
पत्रिका ने सर्वे कर राजनीति दलों की आंखें खोल दी है। दोनों राजनीति दल भाजपा और कांग्रेस को सजग होने की जरूरत है। हालांकि भाजपा सरकार विकास की योजनाओं पर काम कर रही है। यह ऐसा समय है जिसमें जनता जागरूक है। केन्द्र सरकार का राज्य सरकारों को भी फॉलो करने की जरूरत है।
डॉ. मीना आसोपा
चिन्तन मनन करने की जरूरत
पत्रिका सर्वे चिन्तन-मनन का विषय है। राजनीति दलों के लिए सोचने समझने का अवसर है। जनता की सरकार से अपेक्षाएं बढ़ी है। सरकार आम आदमी के प्रति जिम्मेदार है। यह जिम्मेदारी सरकारों को समझनी पड़ेगी अन्यथा जनता सरकार को समय आने पर सबक सिखाएगी।
गजेन्द्र सिंह सांखला
मूलभूत सुविधाएं नहीं
सर्वे करके जनता की नब्ज टंटोला है। भाजपा जनता की मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं कर पा रही है। आम आदमी की सुविधाओं को अनदेखा किया जा रहा है। भाजपा सरकार को जनता की मूलभूत सुविधाओं पर गौर करना चाहिए था।
मकसूद अहमद