
PBM hospital bikaner
बीकानेर . सहकारी होलसेल भण्डार और पीबीएम अस्पताल के बीच दवाओं के बकाया भुगतान को लेकर चल रहा 11 साल पुराना विवाद सुलझ गया है। अब होलसेल भण्डार पीबीएम अस्पताल को सभी तरह की आवश्यक दवाओं एवं इम्प्लांट की आपूर्ति शुरू करेगा। अभी कैंसर रोगियों को दवाएं नहीं मिल रही हैं।
सोमवार को भी जिला कलक्टर के पास कई कैंसर रोगियों ने दवा नहीं मिलने की शिकायत की। जिला कलक्टर ने अधीक्षक को हिदायत दी। अब अगले दो दिन में कैंसर रोगियों को दवाएं मिल सकेंगी। इस मामले में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक में हुए निर्णयों के आधार पर तत्कालीन अतिरिक्त संभागीय आयुक्त डॉ. राकेश शर्मा ने पीबीएम प्रशासन को नोटिस भी दिए थे। फिर भी मामला निर्णायक स्तर पर नहीं पहुंचा था।
पीबीएम अस्पताल एवं होलसेल भण्डार के बीच नए एमओयू में कैंसर की दवाएं, ट्रोमा के इम्प्लांट, भामाशाह, नि:शुल्क दवा योजना और मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में चाही गई दवाओं की आपूर्ति करेगा। पीबीएम दवाओं की होलसेल दर पर १० प्रतिशत तथा इम्प्लांट पर ५ प्रतिशत कमीशन देगा। दवाओं का भुगतान बिल देने के २१ दिन में कर दिया जाएगा।एक साल के लिए समझौता महा प्रबंधक सहकारी होलसेल भण्डार राजेश टॉक, अधीक्षक डॉ. पीके बैरवाल के बीच हुआ। इसमें वित्तीय सलाहकार संजय धवन ने भूमिका निभाई।
हर साल होगा नवीनीकरण
पीबीएम प्रशासन सहकारी होलसेल भण्डार के पिछले बकाया का बिल प्राप्त होने पर एक मुश्त भुगतान करेगा। होलसेल भण्डार करीब १ करोड़ ६० लाख रुपए बकाया बता रहा है। इसके बिल पेश किए जाने हैं। एमओयू का हर वर्ष नवीनीकरण होगा। दवाओं का मांग पत्र देने के २४ घंटे में आपूर्ति करनी होगी। दवाएं गुणवत्तायुक्त होंगी। भण्डार होलसेल में दवाएं खरीद कर पीबीएम को उपलब्ध करवाएगा।
संजय धवन, वित्तीय सलाहकार, एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर
हम सब चाहते थे कि इस दुराव को तोड़ा जाए। विवाद खत्म हो गया है। इससे बीमारों और जनता को फायदा मिलेगा। साथ ही भण्डार को बिजनेस मिलेगा। समझौते से दोनों पक्ष खुश है।
राजेश टांक , महा प्रबंधक, सहकारी होलसेल भण्डार बीकानेर
Published on:
15 May 2018 12:56 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
