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बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में तीन एक्स-रे मशीन बंद, भटक रहे मरीज

PBM Hospital bikaner : एसी बंद होने से लडख़ड़ाई व्यवस्था किसी की ट्यूब तो किसी का प्रिंटर खराब निजी लैबों में जाना पड़ा मरीजों को

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PBM Hospital bikaner : Three X-ray machine off

बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में तीन एक्स-रे मशीन बंद, भटक रहे मरीज

बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में दिनोंदिन व्यवस्था गड़बड़ा रही है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते एयर कंडीशनर (एसी) के कारण करोड़ों रुपए की एक्स-रे मशीनें बंद हो रही हैं। एसी बंद होने से अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में स्थापित चार मशीनों में से तीन बंद हो गई हैं। इस कारण सोमवार को एक्स-रे करवाने के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। इतना ही नहीं मरीजों को जांच निजी लैब से करानी पड़ी।

एक्स-रे विभाग के 20 नंबर कमरे में एसी बंद होने से एक्स-रे मशीन की ट्यूब खराब हो गई। कमरा नंबर 73 व 77 में एसी बंद होने से प्रिंटर नहीं चल रहा है। इस कारण मरीजों के एक्स-रे नहीं किए जा रहे हैं। इन तीनों मशीनों से रोजाना 300 से 325 मरीजों तक के एक्स-रे किए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक 20 नंबर कमरे में स्थापित मशीन की ट्यूब खराब हो गई है, जिससे १० से १५ लाख का नुकसान हुआ है।

सामान्य एक्स-रे हुए, स्पाइन व जटिल जांच नहीं हुई

सूत्रों के अनुसार एक्स-रे के मुख्य विभाग में रोजाना ४०० से अधिक एक्स-रे होते हैं, लेकिन दो-तीन दिन से मशीनें बंद होने से सोमवार को केवल सामान्य एक्स-रे ही किए जा सके। स्पाइन सहित अन्य जटिल जांच के लिए एक्स-रे नहीं किए जा सके। इस कारण कारण मरीजों को निजी लैबों में एक्स-रे करवाने पड़े।

पत्र लिखा है

20 नंबर कमरे में स्थापित मशीन की ट्यूब खराब हो गई है। वहीं अन्य सभी मशीनें एसी के अभाव में तापमान मेंटेंन नहीं रख पाने से गड़बड़ हो रही है। मशीनों को ठीक कराने के लिए पीबीएम अधीक्षक को पत्र लिखा गया है।
डॉ. जीएल मीणा, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी

डॉक्टर्स-डे पर हुआ कार्यक्रम

बीकानेर. एसपी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के औषध विभाग की ओर से डॉक्टर्स-डे पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. लियाकत अली गौरी ने कहा कि चिकित्सक को धैर्य व समर्पित भाव से मरीजों की सेवा करनी चाहिए। डॉ. सौम्या ने बताया कि भारत में डॉक्टर्स डे का आयोन डॉ. बिधानचन्द्र राय के जन्म दिवस पर मनाया जाता है। भारत में इसकी शुरुआत 1911 से की गई। डॉ. राय का जन्म व पुण्यतिथि एक जुलाई को है। इस अवसर पर एक वीडियो के माध्यम से भारत के प्रसिद्ध चिकित्सकों के योगदान को याद किया गया।