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चाय-नाश्ता और भोजन को लेकर कार्मिकों का फूटा गुस्सा

कोरोना कर्मवीरों की तरफ कोई नहीं दे रहा ध्यान

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चाय-नाश्ता और भोजन को लेकर कार्मिकों का फूटा गुस्सा

चाय-नाश्ता और भोजन को लेकर कार्मिकों का फूटा गुस्सा

बीकानेर। अपनी जान की परवाह न करके कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को ठीक करने वाले कार्मिकों को चाय-नाश्ते के लिए तरसना पड़ रहा है। सुबह का चाय-नाश्ता सुबह दस बजे और खाना रात करीब साढ़े दस बजे मिलता है। यह काािर्मक मरीजों को ठीक कर घर भेज रहे हैं लेकिन खुद अभावों से जूझ रहे हैं। हालात यह है कि उन्हें भोजन व नाश्ते के लिए भी बार-बार गुहार करनी पड़ रही है। इसी बीच शुक्रवार को कार्मिकों का सब्र का बांध टूट गया। चाय-नाश्ते को लेकर विरोध जताने लगे।

पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने वीरां देवी सेवा सदन को क्वारेंटाइन सेंटर बना रखा है। यहां कोरोना वार्डों में व कोरोना मरीजों के इलाज में किसी न किसी तरह की सेवा देने वाले नर्सिंगकर्मी, लैब टेक्निशियन, सहायक रेडियोग्राफर, सफाई कर्मचारियों को रखा गया है। यहां रहने वाले कार्मिकों को रात दस से साढ़े दस बजे तक भोजन मिलता है। पानी भी पर्याप्त नहीं मिलता। चाय-नाश्ता सुबह दस बजे बाद मिलता है, जिससे काफी परेशानी होती है।

साढ़े ग्यारह बजे मिली चाय-नाश्ता
गुरुवार शाम को भी वीरादेंवी सेवा सदन में ठहरे कार्मिको दिनभर में २५० ग्राम ही पानी की बोतल दी गई। बार-बार पानी की गुहार करने के बावजूद भी पानी नहीं मिलने पर कार्मिकों ने खुद के पैसों से पानी की बोतल खरीद कर मंगवाई। शाम को कार्मिकों ने पानी नहीं मिलने पर हंगामा भी किया। तब पीबीएम प्रशासन ने एकबारगी पानी पहुंचाया। रात को खाना भी अच्छा नहीं दिया। शुक्रवार सुबह दस बजे तक चाय-नाश्त नहीं देने पर कार्मिकों का सब्र टूट गया। चाय-नाश्ते की बात पर मामला गर्माने पर करीब साढ़े ग्यारह बजे एक कप चाय और छोटा बिस्किट का पैकेट भेजा गया।

पत्रिका ने पहले ही उठाया था मुद्दा
क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे नर्सिंग और अन्य कार्मिकों को मिलने वाले खाने और नाश्ते को लेकर राजस्थान पत्रिका ने २८ अप्रेल के अंक में 'खाने में खानापूर्ति :- सिर्फ तीन रोटी और दाल, पीने को गर्म पानीÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जिला एवं अस्पताल प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजन शुक्रवार को कार्मिकों का सब्र का बांध टूट गया और आक्रोश फूट पड़ा।

भामाशाह से करवा रहे थे, अब जिला प्रशासन संभालेगा व्यवस्था
अब तक भामाशाहों के सहयोग नाश्ता व खाने की व्यवस्था करवा रहे थे। अब जिला कलक्टर ने एक कमेटी बनाई, वहीं नाश्ते व खाने की व्यवस्था करेगी। वीरांदेवी सेवा सदन में खाने व नाश्ते की अव्यवस्था हो गई थी, जिस पर कार्मिकों में रोष जताया था, जिसे अब दुरुस्त करवा दिया है। एक दो दिन ेमें जिला प्रशासन खाने व नाश्ते की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल लेगा।
डॉ. मोहम्मद सलीम, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल