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अनार की बागवानी से आमदनी हुई दोगुनी

  —युवा कृषक की लगन व मेहनत लाई रंग —प्रति वर्ष 20 लाख रुपए तक होती आय बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ तहसील के ग्राम राजेडू के युवा कृषक नानूराम अनार की सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। शुष्क व कठोर मौसम में यहां फलों की बागवानी किसी चुनौती से कम नहीं है।

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अनार की बागवानी से आमदनी हुई दोगुनी

अनार की बागवानी से आमदनी हुई दोगुनी

ढाई हजार पौधे लगाए
वर्ष 2018 में किसान ने तीन हेक्टेयर क्षेत्र में भगवा किस्म के ढाई हजार अनार के पौधे लगाए। कृषि उद्यान विभाग के प्रोत्साहन से बूंद-बूंद सिंचाई की। उन्होंने आत्मा योजना के अंतर्गत कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत गुजरात, जोधपुर, जालोर, श्रीगंंगानगर व जैसलमेर क्षेत्रों का भ्रमण किया।

प्रति पौधा 30 से 40 किलो अनार
नानूराम को प्रति पौधे 30 से 40 किलो फल प्राप्त हो रहे हैं। उन्हें इसके ९० रुपए प्रति किलो तक भाव मिल जाते हैं तथा प्रति वर्ष 18 से 20 लाख रुपए की आय हो जाती है। बीकानेर के अलावा जालोर, मदुरई व तमिलनाडु में भी अनार की बिक्री कर रहे हैं। अधिकारी भी समय-समय पर अनार के बगीचे का भ्रमण कर परामर्श देते हैं। इससे उनकी आमदनी दोगुनी हो गई।

समन्वित खेती से हो रहा फायदा
नानूराम ने बताया कि अनार के लिए अधिकतम 45 व न्यूनतम 3 डिग्री तापमान उचित रहता है। अधिकतम बढऩे व न्यूनतम घटने से फसल खराब हो जाती है। साथ ही फल के फटने की समस्या भी होती है। वे समन्वित जैविक खेती जोजोबा, पशुपालन व अनार के बगीचे से अच्छा लाभ कमा रहे हैं। कम पानी की वजह से बाजरा, मूंग आदि की खेती छोडऩी पड़ी। कृषि विभाग से उन्हें जिला स्तरीय सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार भी मिल चुका है।

जितेन्द्र गोस्वामी — बीकानेर


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