
Poonarasar hanuman temple
श्रीडूंगरगढ़. संसार मंे जब जब असुरी ताकत बढ़ती है और धर्म का नाश होने लगता है। तब भगवान इस धरा पर धर्म को बचाने व असुरी ताकत का नाश करने के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीराम ने मनुष्य के रूप में अवतार लेकर धर्म की रक्षा की और रावण जैसे असुरों का नाश किया। यह उद्गार कथा वाचक मुरलीधर महाराज ने पूनरासर धाम के प्राचीन हनुमान मन्दिर की स्थापना के 300वें साल के उपलक्ष्य में आयोजित रामकथा के दौरान व्यक्त किए।
मंदिर के उत्सव में शामिल होने रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे है। बीकानेर के साथ ही सीकर, चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर आदि जिलों से श्रद्धालु भी पहुंच रहे है। मन्दिर श्रीपूनरासर हनुमान पुजारी ट्रस्ट ने भक्तों के लिए नि:शुल्क बसों की व्यवस्था भी शुरू कर रखी है। बीकानेर के साथ श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, नापासर, सूडसर आदि गांवों से प्रतिदिन बसें चल रही है। कथा के दौरान कथावाचक मुरलीधर ने कहा कि हर घर में एक गाय का पालन हो। गो ग्रास के माध्यम से जो पुण्य की प्राप्ति की होती है वह और किसी अन्य में नहीं है। रामकथा हमें मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
पुस्तिका की भेंट
पूनरासर में चल रहे आयोजन में शनिवार को पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला सपत्नी मन्दिर में पहुंच कर बाबा के दर्शन किए। बाद में श्रीराम कथा भी सुनी। इस अवसर पर पुजारी ट्रस्ट के मंत्री महावीर बोथरा एवं अन्य पुजारियों ने डॉ. कल्ला को हनुमान की महिमा पुस्तक भेंट की।
महायज्ञ में दी आहुतियां
यहां यज्ञाचार्य पंडित नथमल पुरोहित के सान्निध्य में चल रहे १०८ कुण्डीय जन कल्याणकारी महायज्ञ में यजमान जोड़ों ने महायज्ञ में आहूतियां देकर जन कल्याण व विश्व शान्ति की कामना की। वहीं बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं ने यज्ञ के दर्शन किए और फेरियां लगाई। इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे। मंदिर में भजन संध्या की श्रृंखला में रविवार को रात्रि नौ बजे कोलकाता के मुना व्यास बाबा के भजनों की प्रस्तुति देंगे।
Published on:
24 Jun 2018 09:02 am
