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92 पार्षद, हर वार्ड में जमादार, फिर भी पट्टे जारी करने में फिसड्डी शहर की सरकार

प्रशासन शहरों के संग अभियान - नगर निगम एक महीनें में जारी कर पाया है महज चार पट्टे  

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92 पार्षद, हर वार्ड में जमादार, फिर भी पट्टे जारी करने में फिसड्डी शहर की सरकार

92 पार्षद, हर वार्ड में जमादार, फिर भी पट्टे जारी करने में फिसड्डी शहर की सरकार

बीकानेर. प्रशासन शहरों के संग अभियान में नगर निगम पट्टे जारी करने में पालिकाओं से भी फिसड्डी साबित हो रहा है। अभियान शुरू होने के करीब एक माह बाद भी निगम महज चार पट्टे ही जारी कर पाया है, जबकि नगर विकास न्यास इसी अवधि में एक हजार से अधिक पट्टे जारी कर चुका है। निगम में 92 पार्षदों और डेढ़ हजार से अधिक अधिकारियों -कर्मचारियों की फौज के बाद भी निगम पट्टे जारी करने के लिए जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि निगम में वर्षो से दर्जनों फाइलें पट्टे जारी करने को लेकर लंबित चल रही है, जिन पर कुछ निर्णय ही नहीं हो पा रहा है। निगम का दारोमदार 69 -ए के तहत पट्टे जारी करने पर अधिक है, निगम इस श्रेणी में अब तक एक भी पट्टा जारी नहीं कर पाया है।

अभियान को लेकर गंभीर नहीं

प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर निगम बोर्ड और प्रशासनिक स्तर पर अब तक गंभीरता सामने नहीं आई है। निगम में निर्वाचित बोर्ड होने व 92 पार्षद होने के बाद भी अभियान से पहले व अभियान शुरू होने के बाद भी साधारण सभा की बैठक नहीं बुलाना और सभी पार्षदों का सहयोग नहीं लेना महापौर की अभियान के प्रति गंभीरता बयां होती है। वहीं कई पार्षदों की ओर से साधारण सभा की बैठक बुलाने के लिए मांंग किए जाने के बाद भी इस पर गौर नहीं करना अधिकारियों की उदासीनता को भी प्रकट करता है।

हर वार्ड तक पहुंच, फिर भी फिसड्डी

नगर निगम की शहर के वार्ड तक पहुंच है। हर गली-मोहल्ले में निगम के सफाई कर्मचारी है। वार्ड स्तर पर पार्षद और जमादार है। इनके ऊपर स्वच्छता निरीक्षक, स्वास्थ्य अधिकारी और उपायुक्त भी है। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था से हर घर तक निगम की पहुंच है, लेकिन अभियान के दौरान पट्टे जारी करने में निगम नाकाम साबित हो रहा है।

एक आइएएस, दो आरएएस,सफल नहीं हो रहे प्रयास

नगर निगम में एक आइएएस और दो आरएएस अधिकारी नियुक्त है। तकनीकी शाखा में अधीक्षण अभियंता से जेईएन तक लंबी सूची है। उपविधि परामर्शी से एटीपी व राजस्व अधिकारी तक और सहायक लेखाधिकारी से लिपिक तक दर्जनों अधिकारी-कर्मचारी है। स्वास्थ्य शाखा में स्वास्थ्य अधिकारी से सफाई कर्मचारियों तक करीब 1600 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत है फिर भी निगम केअभियान के दौरान पट्टे जारी करने के प्रयास सफल नहीं हो रहे है।

न्यास पट्टे जारी करने में निगम से आगे

नगर विकास न्यास अभियान के तहत अब तक एक हजार से अधिक पट्टे जारी कर चुका है, जबकि निगम ने केवल चार पट्टे ही जारी किए है। निगम में अधिकारियों -कर्मचारियों की संख्या 1600 से अधिक है, जबकि की तुलना में न्यास में अधिकारियों कर्मचारियों की संख्या निगम की संख्या का दसवा हिस्सा भी नहीं है। पट्टे जारी करने की योजना, मॉनिटरिंग व योजनाबद्ध कार्य के जरिए न्यास आंवटित लक्ष्य को पाने की ओर अग्रसर है, जबकि निगम आंवटित २० हजार पट्टों के पहाड़ से लक्ष्य की ओर ताक भी नहीं रहा है।