
नगर निगम
बीकानेर. नगर निगम में महापौर और आयुक्त के बीच आपसी सामंजस्य में कमी बरकरार है। पूर्व में नियम विरुद्ध निर्माण पर जहां महापौर और आयुक्त के बीच शह और मात का खेल चला, वहीं अब शहर के सबसे स्वच्छ वार्डो पर घमासान चल रहा है। निगम आयुक्त की ओर से जहां शहर के सबसे स्वच्छ 13 स्थानांें के लिए 19 वार्डों की सूची को जारी कर दिया गया है वहीं महापौर स्वच्छ वार्डो को पुरस्कृत करने की प्रक्रिया व सूची से खुश नजर नहीं आ रहे है।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ऐन वक्त पर रूकी वार्डो को पुरस्कृत करने की घोषणा चर्चा का विषय बन गई है। सूची जारी होने के बाद पार्षद भी असमंजस में है कि जो श्रेष्ठ तीन वार्ड आयुक्त की सूची के अनुसार चयनित हुए है वे पुरस्कृत होंगे या नहीं। वहीं आयुक्त की ओर से 13 स्थानों के लिए जो 19 वार्डो की सूची जारी की है उसमें 15 वार्ड भाजपा, 3 कांग्रेस व एक निर्दलीय पार्षद का वार्ड है। प्रथम तीन स्थानों पर क्रमश: भाजपा, निर्दलीय और कांग्रेस पार्षदों के वार्ड रहे है।
महापौर का वार्ड टॉप 19 में नहीं
नगर निगम आयुक्त की ओर से शहर के सबसे स्वच्छ वार्डो को लेकर जो तेरह स्थानों के लिए 19 वार्डो की सूची जारी की है उनमें महापौर नारायण चौपड़ा का वार्ड टॉप 19 वार्डो में भी शामिल नहीं है। उप महापौर अशोक आचार्य का वार्ड 13 वें स्थान पर, स्वच्छता समिति अध्यक्ष पश्चिम राजेन्द्र कुमार शर्मा का वार्ड 10वें स्थान पर है।
ये रहे प्रथम तीन स्थानों पर
आयुक्त की ओर से जारी की गई स्वच्छत वार्डो की सूची के अनुसार निगम क्षेत्र का वार्ड संख्या 38 (पार्षद अखिलेश प्रताप सिंह) प्रथम स्थान पर, वार्ड संख्या 37 (पार्षद आदर्श शर्मा) दूसरे स्थान पर और वार्ड संख्या 33 (सूरजदेवी) तीसरे स्थान पर है। निगम आयुक्त की पूर्व घोषणा के अनुसार प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले वार्डो में क्रमश: 20 लाख, 15 लाख और 10 लाख रुपए के विकास कार्य करवाए जाएंगे।
सर्वेक्षण पूरा नहीं
स्वच्छ वार्डो की सूची के लिए सभी वार्डो का सर्वेक्षण जरूरी है। कई वार्डो का सर्वेक्षण नहीं हुआ है। सर्वेक्षण की जानकारी कमेटियों-मेयर को नहीं है। स्वच्छ वार्डो की सूची जारी होने की जानकारी
मुझे नहीं है।
नारायण चौपड़ा, महापौर नगर निगम, बीकानेर।
Published on:
28 Jan 2018 09:21 am
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