
श्रीकोलायत. मौसम में आए परिवर्तन का क्षेत्र में रबी की फसल पर असर पड़ रहा है। तापमान में वृद्धि का असर फसलों के लिए घातक साबित हो रहा है। इसको लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। किसान जगदीश पुरोहित ने बताया कि इस बार दिसम्बर में भी गर्मी का असर गेहूं, चना व सरसों की दिखाई देने लगा है।
गौरतलब है कि उपखण्ड के करीब 50 प्रतिशत से अधिक भाग पर वर्तमान में नहरी क्षेत्र एवं निजी नलकूपों दोनों पर रबी की फसलों का बिजान किया है। इन दिनों फसलों में बढ़वार होती है लेकिन इन फसलों को अनुरुप तापमान नहीं मिलने के कारण उचित वृद्धि नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि जहां नहरी क्षेत्र के किसानों की पानी की बारी पीटने एवं नलकूपों पर विद्युत कटौती करने से भी फसलें प्रभावित हो रही है।
गेहूं की फसल में दीमक का प्रकोप
खारा. गांव में इन दिनों गेहूं में दीमक प्रकोप होने से फसल मुरझाने लगी है। समय पर पानी नहीं मिलने से गेहंू की फसल में काली लट लग गई है। इससे किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसान गोपीसिंह सिसोदिया ने बताया कि सर्दी नहीं बढऩे तथा पानी समय पर नहीं मिलने से फसलों में रोग उत्पन्न हो रहे हैं। चने व सरसों की फसल भी जल रही है।
गेहूं में जड़ गलन रोग भी लग गया है। किसानों ने बताया कि समय रहते मौसम का मिजाज बदला नहीं तथा फसलों को पानी नहीं मिला तो चिलचिलाती धूप की वजह से फसल खराब हो जाएगी। अब किसानों को कर्ज की चिंता सताने लगी है। किसानों ने बताया कि मौसम के साथ आवारा पशुआंे ने भी फसलों को बर्बाद कर दिया है।
कोहरे से फसलों पर आई रौनक
खाजूवाला. क्षेत्र में पिछले 15 दिन से गर्मी बढऩे से फसलों को पानी की आवश्यकता थी। दूसरी तरफ राज ने चार में से दो ग्रुप सिंचाई पानी देने से मना कर दिया। शुक्रवार को क्षेत्र में घना कोहरा छाने से किसान अच्छा मान रहे हैं। किसान के खेतों में खड़ी सरसों, चना तथा गेहूं की फसल को इन दिनों सर्दी व कोहरे के साथ पानी की आवश्यकता है लेकिन पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में गर्मी का आलम था।
इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका थी। किसानों को कहना है कि इस समय कोहरा फसल के लिए पानी का काम कर रहा है। किसानों को चार में से दो ग्रुप सिंचाई पानी नहीं देने का फरमान सरकार का गुरुवार को ही जारी हुआ और शुक्रवार को कोहरा छाने से राम मेहरबान हो गए है।
कोहरे से बढ़ी सर्दी
महाजन. क्षेत्र मे शुक्रवार को घना कोहरा छाने व सर्द हवा चलने से सर्दी का अहसास बढ़ गया है। कोहरे के कारण ग्रामीणों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। कस्बे में सुबह दस बजे तक कोहरे के कारण दृश्यता शून्य के करीब होने से राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेलगाडिय़ों की समय सारिणी भी गड़बड़ा गई है। ग्रामीण सर्दी से बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए। कोहरे को हाड़ी की फसल के लिए लाभदायी माना जा रहा है।
Published on:
30 Dec 2017 12:12 pm

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