31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘स्वाइन फ्लू‘ पीडि़त विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाने से राजस्थान विश्वविद्यालाय‘ ने किया इनकार

विश्वविद्यालय के नियम में चेचक, चिकन पॉक्स की सूरत में विद्यार्थी को परीक्षा में नहीं बैठाने का प्रावधान तो है, लेकिन स्वाइन फ्लू का मामला...

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Dec 30, 2017

Swine flu

जयपुर। स्वाइन फ्लू के मरीज विद्यार्थियों की परीक्षा लें या नहीं, इस सवाल पर राजस्थान विवि प्रशासन शुक्रवार को चकरघिन्नी हो गया। विश्वविद्यालाय में शुक्रवार को परीक्षा की अनुमति लेने पहुंचे संक्रमित दो छात्रों को सेंटर इन्चार्ज और परीक्षा नियंत्रक ने इनकार कर दिया। पूरे मामले में एक बार भी विवि ने मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने की कवायद नहीं की। जबकि विश्वविद्यालय में भी खुद की डिस्पेंसरी संचालित है। फाइव ईयर लॉ कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा दोपहर तीन बजे से शुरू होनी थी। करीब डेढ बजे ये दोनों विद्यार्थी सेंटर इन्चार्ज के पास पहुंचे और आईसोलेशन में परीक्षा की अनुमति मांगी। सेंटर इन्चार्ज ने उन्हें परीक्षा नियंत्रक के पास भेज दिया। परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे तो उन्होंने भी इनकार कर दिया। विद्यार्थियों ने जब चिकित्सकीय सलाह लाने की बात की तो विवि प्रशासन ने सिर्फ एसएमएस अधीक्षक की लिखित अनुमति लाने की शर्त रख दी। इस बीच परीक्षा शुरू हो गई।

पहली बार आया मामला, नियम ही नहीं
विश्वविद्यालय के नियम में चेचक, चिकन पॉक्स की सूरत में विद्यार्थी को परीक्षा में नहीं बैठाने का प्रावधान तो है, लेकिन स्वाइन फ्लू का मामला कभी सामने नहीं आने के कारण इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विद्यार्थियों ने दिखाई समझदारी
इस मामले में संक्रमित विद्यार्थियों ने भी समझदारी दिखाई। हो सकता था कि वह परीक्षा के वक्त ही केन्द्र पर पहुंचते और परीक्षा में बैठ जाते। लेकिन संक्रमण नहीं फैले इसलिए वे परीक्षा से काफी समय पहले ही अनुमति मांगने पहुंचे।

हालत देख हो सकता था फैसला
विशेषज्ञों की मानें तो इस मामले में चिकित्सकीय परीक्षण करा फैसला किया जा सकता था। एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह का कहना है कि परीक्षण में यदि यह सामने आए कि विद्यार्थी रिकवर कर चुका है व परीक्षा के लिए फिट है तो एहतियातन आईसोलेशन में परीक्षा ली जा सकती है।

राजधानी में एक और मौत
इधर, राजधानी के एक निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए गए एक और मरीज ने दम तोड़ दिया। यह मरीज टोंक का रहने वाला था।

जल्द बनाएंगे नियम
-दो स्वाइन फ्लू पीडि़त विद्यार्थी इजाजत लेने आए थे। लेकिन सक्रंमण के डर से उन्हें परीक्षा में नहीं बैठाया गया। वे अब अगले सत्र में परीक्षा दे सकते हैं। जल्द ही इस बारे में नियम भी बनाए जाएंगे।
डॉ. वी.के. गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक

Story Loader