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बकाया भुगतान के चलते रेलवे ने सीज की इमारत, आश्वासन के बाद खोला कार्यालय

तीन घंटे सीज रहे कार्यालय के कारण रेल डाक सेवा से जुड़े हजारों पत्रों की छंटनी नहीं हो पाई और डाक पत्रों को भी नहीं भेजा जा सका।
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कोरबा

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Anushree Joshi

•

Updated: 3 Feb 2017, 9:09 AM IST

Railway mail service

Railway mail service

करोड़ों रुपए की बकाया वसूली के चलते गुरुवार को रेलवे के अधिकारियों ने भारतीय डाक विभाग के उपक्रम रेलवे डाक सेवा कार्यालय को सीज कर दिया। शाम करीब चार बजे हुई इस कार्रवाई से एकबारगी कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। कर्मचारी घंटों बाहर खड़े रहे।

हालांकि बाद में डाक विभाग के पोस्ट मास्टर ऑफ जनरल की ओर से भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद कार्यालय की सील को खोल दिया गया। करीब तीन घंटे सीज रहे कार्यालय के कारण रेल डाक सेवा से जुड़े हजारों पत्रों की छंटनी नहीं हो पाई और डाक पत्रों को भी नहीं भेजा जा सका।

हालांकि खोले जाने के बाद कार्मिकों ने कार्य शुरू कर दिया और रेलवे के माध्यम से डाक भी भेजी। उत्तर पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मण्डल वाणिज्यिक प्रबंधक सीआर कुमावत ने बताया कि वर्ष 2010 से डाक विभाग इमारत के रख-रखाव तथा उसके किराए का भुगतान नहीं कर रहा था।

यह राशि करीब एक करोड़, 59 लाख रुपए बनती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उसके अधिकारियों को कई बार पत्र और नोटिस प्रेषित किए गए, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार को इमारत सीज करने से पहले भी डाक विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन उनका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

आखिरकार इमारत को सीज करने की कार्रवार्ई को अंजाम देना पड़ा। कुमावत ने बताया कि डाक विभाग के उच्चाधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही बकाया राशि का भुगतान कर देंगे। कुमावत ने बताया कि कार्रवाई रेलवे के इंजीनियर महकमे से जुड़े मुख्य मण्डल अभियांत्रिक विभाग के एनके शर्मा के निर्देशन में की गई। इस अवसर पर रेलवे के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।