
raj election 2018
बीकानेर. चुनाव प्रचार संबंधी पम्फलेट, पर्चे, पोस्टर और विज्ञापन पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम लिखना अनिवार्य है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने रविवार को इसके आदेश जारी किए। डॉ. गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों, प्रत्याशियों या उनके समर्थकों की ओर से प्रकाशित करवाए जाने वाले पम्पलेट पर्चे, पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैण्डबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते समय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के प्रावधानों की पालना करना अनिवार्य है।
जिसके तहत पम्पलेट पर्चे और पोस्टर के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पम्पलेट पर्चे अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं कर अथवा करवा सकेगा जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान सत्यापित नहीं हो। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी प्रतिलिपि जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी।
उल्लंघन पर 6 माह सजा
डॉ. गुप्ता ने कहा कि कोई व्यक्ति प्रकाशन और मुद्रण संबंधी प्रावधान का उल्लंघन करता है तो उसे 6 महीने के कारावास, 2 हजार रुपए जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री भी प्रकाशित नहीं की जा सकती।
तीन दिन में भेजें प्रति
डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेसों को मुद्रण सामग्री मुद्रित होने के तीन दिन के भीतर प्रतियां तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा पत्र भेजना होगा। यदि इन आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस को भी जब्त किया जा सकेगा।
रात 10 बजे बाद चुनावी प्रचार प्रतिबंधित
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत आदर्श आचार संहिता के तहत आगामी 13 दिसम्बर तक रात दस बजे के बाद टेलीफोन या मोबाइल से किसी भी तरह का चुनावी प्रचार करने पर रोक लगा दी है। कोई भी व्यक्ति या
राजनीतिक दल कार्यकर्ता
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रचार नहीं कर सकेगा। डॉ. गुप्ता ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल निर्वाचन के प्रचार के उद्देश्य से टेलीफ ोन व मोबाइल कॉल से, एसएमएस अथवा वाट्सअप व सोशन मीडिया पर रात को प्रचार की गतिविधि नहीं कर सकेगा। यदि कोई एेसा करेगा तो उसके खिलाफ धारा 144 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दिखने लगा आचार संहिता का असर, उतारे जा रहे पोस्टर-होर्डिंग्स
विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ शनिवार को लागू हुई आचार संहिता का असर दिखने लगा है। शहर में कई स्थानों पर सरकारी योजनाओं के होर्डिंग, राजनैतिक पार्टियों, नेताओं के पोस्टर जहां लगे हैं, उनको प्रशासन ने हटाने का काम शुरू कर दिया है। रविवार को जस्सूसर गेट क्षेत्र में दीवारों और मुख्य द्वार पर लगे राजनेताओं के पोस्टर उतारे गए।
पब्लिक पार्क के समीप लगे बड़े होर्डिंग को जेसीबी मशीन से उतारे गए। सीएमएचओ ऑफिस परिसर व बाहर लगे सरकारी योजनाओं के होर्डिंग से सीएम व संबंधित मंत्री के फोटो, स्लोगन को हटाया गया। वहीं अभी भी कई स्थानों पर राजनेताओं, सरकारी योजना के होर्डिंग लगे हुए हैं।
राजनीतिक होर्डिंग्स हटाने में भेदभाव का आरोप
बीकानेर. चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही राजनीतिक दलों के होर्डिंग पोस्टर और सरकारी योजनाओं के प्रचार में राजनीति से जुड़े किसी भी व्यक्ति की फोटो और नाम का प्रकाशन प्रतिबंधित हो गया है। इसकी पालना में नगर निगम और नगर विकास न्यास ने शनिवार रात और रविवार को दिन में शहर में लगे होर्डिंग और बैनर आदि को हटाया। उधर कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी से मिला और होर्डिंग हटाने में भेदभाव करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की १० सितम्बर को प्रस्तावित संकल्प रैली के भी शहरभर में पोस्टर और होर्डिंग लगे हुए थे। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बीडी कल्ला, गोपाल गहलोत, यशपाल गहलोत, अरविन्द मिढ्डा, गजेन्द्र सिंह सांखला आदि ने जिला प्रशासन को अवगत कराया कि राहुल गांधी के स्वागत के पोस्टर लगाए थे, जो हटा दिए गए है। जबकि भाजपा नेताओं के पोस्टर अभी भी लगे हुए है। जिला प्रशासन को राज्य सरकार की उपलब्धियां या सरकार की योजना के प्रसार-प्रचार के पोस्टर बैनर हटाने चाहिए।
Updated on:
08 Oct 2018 08:57 am
Published on:
08 Oct 2018 08:57 am
