
हींग लागै ना फिटकरी, रंग आए चोखा
पत्रिका जागो जनमत अभियान में आप पढ़ रहे है चुनावी बंतळ...सही पढ़े सही चुने...चाहे पार्टी हो या प्रत्याशी हर कोई वादों की सौगाते जनता को दे रहा है ... लेकिन क्या यह ये वादे पूरे हो पाएंगे...यह चर्चा घर-घर...हर गली हर नुक्कड़ पर है...ऐसी ही चर्चा आप भी सुने चुनावी बंतळ...अपनी भाषा में...
रमकू - फ्री... फ्री...फ्री... चुणाव आवै जद पार्टियों नै क्या फ्री फोबिया हुय जावै ?
झमकू - पतो नीं राम/यार... जो भी हुवै म्हौने तो फायदो ही है
रमकू : अबार फायदो तो फायदो है पण आगै तो इणनै म्हौने ही भरणो है
झमकू: क्या मतळब...
रमकू: अरे अै तो म्हौरे खातर - म्हौरो ही माथौ म्हौरो ही जूतो वाळी कहावत साबत हुयसी। हां...पार्टियो रै खातर जरुर ... हींग लागै ना फिटकरी रंग चोखो आवै.. आळौ मामलो है।
झमकू : बो कियो... ?साफ साफ बताओ नीं ..
रमकू: फ्री रा अै वादा पूरा करण खातर पईसा अै वादा करण आळा आपरी गांठ सूं तो देणै वाळा नीं है..आगै-लारै म्हौने ही टैक्स रे रुप मायं भरणा है। माथौ अर जूता दोनू म्हौरा। दूजी बात घोषणा करण वाळौ में जीतेला तो अेक ही, मतळब अेक रा वादा तो वादा ही रैय जायसी, दूजौ सत्ता में आवण पर किसै वादे ने जुमलो कैय देसी.. क्या पतो।
झमकू: सुणयो है क बिजळी माफ करण रो वादो करियो है ?
रमकू: बा तो ठीक है, पण वादै रे मायं दम कोयनी है..
झमकू: बो कियों... ?
रमकू: पूरी बिजळी मिळसी ओ वादो थोडी करियो है, बिजळी मिळसी जद ही तो बिल माफ हुयसी...
झमकू: अेक दल ने तो गांवों रै छोटे अस्पताळों में डॉक्टर लगावण रो वादो करियो है..
रमकू: इयां.. वादा करण वाळा डॉक्टर कठै सूं लायसी..? अगर डॉक्टर आ भी गया तो क्या बै निजी अस्पताळों री मोटी तनख्वाह अर साधण सुविधा नै छोड र गांव री बिना साधण डिस्पेंसरी मायं क्यूं जासी (हंसता हुया).. बिना सोचे समझै कुछ भी... बोलण मायं क्या जावै है।
Published on:
22 Nov 2023 08:23 pm
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