
बीकानेर और नागौर में चोरी, डकैती जैसी वारदातों में लिप्तता के आरोपी जितेन्द्र उर्फ ईलू को नागौर व बीकानेर दोनों जगह के जेल प्रशासन अपने यहां रखने से कतरा रहे है। नागौर जेल प्रशासन ने जेल से समाज विरोधी गतिविधियां संचालित करने की आशंका जता रहा है वहीं बीकानेर जेल में अपराधी खुद असुरक्षित होने का संदेह जताने के साथ ही जेल प्रशासन जेल के संवदेनशील होने का हवाला देकर नहीं रखना चाहता।
एेसे में रविवार को दिनभर जितेन्द्र को चलानी गार्ड बीकानेर जेल में प्रवेश मिलने का इंतजार कर शाम को वापस नागौर लौट गए। जितेन्द्र उर्फ इलू पुत्र राजकुमार नागौर और बीकानेर के बीच फुटबाल बना हुआ है। नागौर के चालानी गार्ड अपराधी जितेन्द्र को रविवार सुबह नागौर से बीकानेर जेल लेकर पहुंचे। यहां सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक वे जेल के प्रवेश द्वार पर ही खड़े रहे लेकिन उन्हें अंदर घुसने तक नहीं दिया। ऐसे में 116 किलोमीटर का सफर तय कर चालानी गार्ड जितेन्द्र को वापस नागौर जेल ले गए है।
कई जिलों में मामले दर्ज
कबाड़ की आड़ में चोरी और डकैती का माल खरीदना, ट्रक कंटेनर लूटना, अनाज के गोदाम में डकैती समेत अन्य कई मामलों में आरोपित जितेन्द्र वांछित है। जितेन्द्र के विरुद्ध गत दस वर्षों में बीकानेर के बीछवाल, कोटगेट, जेएनवीसी थाना के अलावा थाना गुढ़ा गोडजी कोतवाली, झुंझुनू, हमीरवास, पिलानी, बीदासर थाना, सरदारशहर, सिवाना जिला बाड़मेर, मलसीसर, राजगढ़, नोखा, कोतवाली, नागौर में एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
कभी बीकानेर कभी नागौर
बीकानेर की बीछवाल थाना पुलिस 10 अक्टूबर को झुंझुनूं जिले के पिलानी निवासी जितेन्द्र उर्फ इलू पुत्र राजकुमार को नागौर जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर लेकर आए। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर दो दिन रिमांड लिया। रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने उसे वापस न्यायालय में पेश किया तब न्यायालय ने जितेन्द्र को जेल भेजने के आदेश दिए।
बीकानेर जेल प्रशासन ने अपना वारंट रख लिया और अपराधी ईलू को वापस नागौर भेज दिया। रविवार सुबह नागौर पुलिस लाइन से चालानी गार्ड बलबीर चौधरी के नेतृत्व में अपराधी जितेन्द्र को लेकर रात करीब नौ बजे वापस नागौर जेल पहुंचे। नागौर जेल प्रशासन ने जितेन्द्र की गतिविधियों को संदिग्ध तथा २७ अक्टूबर को होने वाली पेशी के मद्देनजर उसे रविवार सुबह वापस बीकानेर जेल भेज दिया।
सुरक्षा की दृष्टि से भेजा
&अपराधी जितेन्द्र ने बीकानेर न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि बीकानेर जेल में उसकी जान को गंभीर खतरा है। उसकी जान-माल की सुरक्षा के मद्देनजर उसे वापस नागौर जेल भेजा गया था। इस बारे में नागौर जेल प्रशासन को पहले ही अवगत करा दिया था। इसके बावजूद उन्होंने उसे यहां भेज दिया जो उनकी गलती है।
डॉ. कैलाश त्रिवेदी, जेल अधीक्षक बीकानेर
बीकानेर जेल प्रशासन ने किया मना
जितेन्द्र को नागौर से बीकानेर जेल भेजा गया था। उसकी बीकानेर में पेशी हुई। २७ अक्टूबर को फिर पेशी होनी है। बीकानेर जेल प्रशासन ने उसे अपने पास रखने से इनकार कर दिया। जेल अधीक्षक एवं जेलर से जितेन्द्र को वहां पर रखने का निवेदन किया लेकिन, वह नहीं माने।
भवानीसिंह, जेलर नागौर जेल
Published on:
16 Oct 2017 09:05 am
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