
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan News : राजस्थान में एक बार फिर से परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों पर गाज गिरी है। शिक्षा सत्र 2023-24 में कक्षा 10वीं और 12वीं के कमजोर परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदेश के 215 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। इन शिक्षकों को 10 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में लिखा कि नोटिस प्राप्त शिक्षक विषयाध्यापक पद पर रहते हुए विभागीय मानकों से कम परिणाम देने के लिए उत्तरदायी हैं। उनसे यह भी कहा गया कि वे 2018-19 से लेकर 2023-24 तक के छह सत्रों का विस्तृत परीक्षा परिणाम विवरण प्रस्तुत करें, जिसमें छात्रों की संख्या, श्रेणियां, कुल प्रतिशत आदि शामिल हों।
वहीं राजस्थान शिक्षक संघ (रेसा) के पदाधिकारियों ने कहा कि कम परिणाम के लिए शिक्षक को दोषी ठहराना दुर्भावनापूर्ण है। शिक्षा एक साझा प्रक्रिया है, विभागीय व्यवस्था, संसाधन और छात्रों की पृष्ठभूमि अहम हैं। परीक्षा परिणाम की समीक्षा होनी है, तो विद्यालय स्तर की समग्र ऑडिट हो, न कि केवल एक अध्यापक पर कार्रवाई। शिक्षकों को जवाबदेही के नाम पर डराया नहीं जाना चाहिए। यदि कोई शिक्षक लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे सुधारात्मक प्रशिक्षण, सपोर्ट के साथ ही संवाद किया जाना चाहिए, न कि सिर्फ कारण बताओ नोटिस।
1- कितनी बार शिक्षक को प्रशिक्षण दिया गया।
2- स्कूल में कितने शिक्षक स्वीकृत हैं, और कितने पद खाली हैं।
3- परीक्षा से पहले छात्रों को कितनी बार प्रैक्टिस टेस्ट, गाइडेंस, और व्यक्तिगत सपोर्ट मिला।
4- क्या स्कूलों में पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए।
Updated on:
02 Aug 2025 09:17 am
Published on:
02 Aug 2025 09:17 am
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