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‘राजस्थान में नमूनों की सरकार चल रही है’, महिलाओं की मौत पर बीकानेर में जूली-डोटासरा का तीखा हमला, पूछा- जिम्मेदार कौन?

Bikaner Congress Protest: बीकानेर में कांग्रेस के कलक्ट्रेट घेराव और जनसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था, पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्था, धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने सरकार से जवाबदेही की मांग की।
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बीकानेर

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Arvind Rao

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Updated: 30 Jun 2026, 8:06 PM IST

Tika Ram Jully and Govind Singh Dotasra

टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा (फोटो- @GovindDotasra and @TikaRamJullyINC)

Tika Ram Jully and Govind Singh Dotasra: बीकानेर: राजस्थान की भाजपा सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को बीकानेर में एक विशाल जनसभा और कलक्ट्रेट घेराव के जरिए अपनी ताकत दिखाई। पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, प्रसूताओं की मौत और सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने के सरकारी आदेश के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीकानेर के कर्मचारी मैदान में हुंकार भरी। इस दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सरकार को घेरा।

जूली का तीखा प्रहार: 'स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में, प्रदेश में नमूनों की सरकार'

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, प्रदेश में जनता की चुनी हुई सरकार नहीं, बल्कि नमूनों की सरकार और अव्यवस्थाओं का सर्कस चल रहा है। जूली ने सरकार की विफलताओं को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए।

पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौतों और एंबुलेंस सेवाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल खुद वेंटिलेटर पर हैं, जिससे आमजन वहां जाने से डरने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह अपराधियों के हवाले हो चुकी है। शिक्षा के मंदिर संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं और स्कूलों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

सामाजिक सौहार्द पर खतरा

बॉर्डर एरिया में धार्मिक स्थलों को हटाने संबंधी आदेश पर सवाल उठाते हुए जूली ने कहा कि इससे क्षेत्र का सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने यमुना जल परियोजना को लेकर सरकार के दावों को महज कागजी और इवेंट मैनेजमेंट करार दिया।

डोटासरा ने अधिकारियों को दी नसीहत: 'निष्पक्ष रहें, जनता के प्रति जवाबदेह बनें'

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। पीबीएम अस्पताल में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित बदसलूकी पर नाराजगी जताते हुए डोटासरा ने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में नसीहत दी कि वे सत्ता के दबाव में न आएं, निष्पक्ष रहकर कार्य करें और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही समझें।

सरकार को घेरते हुए डोटासरा ने कहा कि आज राज्य का किसान, युवा और बेरोजगार सभी वर्ग परेशान हैं। सड़क, बिजली, पानी, खाद और यूरिया जैसी मूलभूत समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करें ताकि जनता की लड़ाई को और धार दी जा सके।

एक्स पर फूटा गुस्सा: 'मौत का तंत्र' बनी स्वास्थ्य व्यवस्था

गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा, भाजपा की गूंगी, बहरी और पर्ची वाली सरकार ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था को 'मौत का तंत्र' बना दिया है। कोटा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, नकली दवाइयां और घोर लापरवाही के कारण महिलाएं जान गंवा रही हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि जवाब देने के बजाय स्वास्थ्य मंत्री महिलाओं के सम्मान पर अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, जो सत्ता के अहंकार को दर्शाता है। मुख्यमंत्री जी, बहाने नहीं जवाबदेही चाहिए कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?

टीकाराम जूली ने पोस्ट किया, राजस्थान में जनता की पीड़ा, मरीजों की मौत और धार्मिक आस्थाओं पर चोट जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार के पास न कोई जवाब है और न समाधान। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के हर मोर्चे पर विफल यह सरकार केवल विज्ञापनों और झूठे दावों में व्यस्त है। कांग्रेस पार्टी आमजन के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

कलक्ट्रेट का घेराव और दिग्गजों का जमावड़ा

जनसभा के समापन के बाद डोटासरा और जूली के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट की तरफ कूच किया और वहां जोरदार प्रदर्शन कर घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करने और बॉर्डर एरिया के धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे

इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में संभाग भर के विधायकों और पदाधिकारियों सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी, गोविंदराम मेघवाल, वीरेंद्र बेनीवाल, सुशीला डूडी, शिमला नायक, चेतन डूडी और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम.डी. चौपदार प्रमुख रहे।