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खटारा बसों की भरमार, नई का इंतजार

बीकानेर. रोडवेज के बेडे में २२ बसों को नाकारा घोषित किए जाने के बाद भी खटरा बसों की भरमार है। बीकानेर आगार में अब भी एक दर्जन से अधिक बसें ऐसी हैं, जो निर्धारित अवधि पार कर चुकी हैं। इसके बावजदू रूटों पर दौड़ रही हैं। लंबे समय से आगार को नई बसों का इंतजार है।

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बीकानेर. रोडवेज के बेडे में २२ बसों को नाकारा घोषित किए जाने के बाद भी खटरा बसों की भरमार है। बीकानेर आगार में अब भी एक दर्जन से अधिक बसें ऐसी हैं, जो निर्धारित अवधि पार कर चुकी हैं। इसके बावजदू रूटों पर दौड़ रही हैं। लंबे समय से आगार को नई बसों का इंतजार है। वर्तमान में चल रही 128 बसों में से 43 बसें अनुबंधित हैं।

बीकानेर आगार में रोडवेज की 85 बसें चल रही हैं। इनमें से एक दर्जन से अधिक बसें निर्धारित आठ लाख किमी का सफर तय कर चुकी हैं और आठ साल पुरानी हैं। ये बसें आए दिन बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। आगार में नई बसें आने पर यात्रियों को इस समस्या से निजात मिल सकती है।

दो बसें भेजी
बीकानेर आगार से 22 नाकारा बसों का अजमेर स्थित केन्द्रीय वर्कशॉप भेजने के लिए चयन किया गया था। इनमें दो बसें भेजी जा चुकी है। अभी 20 बसें और भेजने की तैयारी चल रही है। इनके स्थान पर अनुबंधित बसें लगाई जा चुकी हैं।

नहीं मिली स्वीकृति
बीकानेर आगार प्रबंधन ने नई बसों के लिए कई बार मुख्यालय को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। यह मुद्दा रोडवेज के संयुक्त मोर्चा की हड़ताल के दौरान भी उठाया गया था। शुक्रवार को हड़ताल समाप्ति के लिए हुई वार्ता में जिन मुद्दों पर सहमति बनी, इनमें नई बसें खरीदना भी शामिल है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें बीकानेर आगार को कितनी नई बसें मिलेंगी। बीकानेर आगार को एक दर्जन से अधिक नई बसों की आवश्यकता है।

नाकारा का निवारण
फिलहाल 22 नकारा बसों को केन्द्रीय वर्कशॉप में भेजा जा रहा है। इसके बाद में भी एक दर्जन से अधिक बसें ऐसी हैं, जो पुरानी हो चुकी हैं। इनके स्थान पर नई बसों की दरकार है।
इंद्रा गोदारा, आगार प्रबंधक, बीकानेर

कार्मिकों ने जताई खुशी
बीकानेर. राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा की एक बैठक शनिवार को केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर हुई। इस दौरान पदाधिकारियों ने खुशी जताते हुए कहा कि कर्मचारियों के दबाव के बाद रोडवेज प्रशासन व सरकार ने चार मांगें मान ली हैं। यह कर्मचारियों की जीत है। बैठक में विक्रम ङ्क्षसह, अब्दुल रहमान कोहरी, जयकिशन पारीक, गिरधारीलाल, वाईके शर्मा, साबिर मोहम्मद आदि ने विचार रखे।