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रंगमंच पर साकार हुई रामायण

राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर और उत्तर पश्चिम रेलवे ललित कला एवं सांस्कृतिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय पारसी नाट्य समारोह के अंतिम दिन सोमवार को आर्टिस्ट संस्था की ओर से दलीप सिंह भाटी के निर्देशन में रावणनामा का मंचन किया गया।

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Ramayana came true on stage

रंगमंच पर साकार हुई रामायण

बीकानेर . राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर और उत्तर पश्चिम रेलवे ललित कला एवं सांस्कृतिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय पारसी नाट्य समारोह के अंतिम दिन सोमवार को आर्टिस्ट संस्था की ओर से दलीप सिंह भाटी के निर्देशन में रावणनामा का मंचन किया गया। पौराणिक ग्रंथ रामायण पर आधारित नाटक में कलाकारों ने उम्दा अभिनय से रामायण कथा को मंच पर साकार कर दिया। खासकर राम, रावण, लक्ष्मण सहित पात्रों के संवादों ने दर्शकों को बांधे रखा। नाटक में सुरेन्द्र स्वामी, अमित पारीक, मुकेश सेवग, विनोद पारीक, पंकज व्यास, जतन सोलंकी, सनी, संजय, अर्जुन छींपा, गोल्डी सोलंक, दीपक आदि ने भागीदारी निभाई।

३३०५ विद्यालयों में अक्षय पेटिका नहीं
५९ हजार ८६८ विद्यालयों ने अक्षय पेटिका में एकत्रित धनराशि की ओपन
बीकानेर ञ्च पत्रिका. प्रदेश के ३३०५ विद्यालयों ने अक्षय पेटिका स्थापित कर सूचना ऑनलाइन नहीं की है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद्,जयपुर के उपायुक्त नसीम खान ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान को निर्देश जारी कर पांच दिन में अक्षय पेटिका स्थापित कर सूचना ऑनलाइन करने को कहा है। वर्तमान में प्रदेश के कुल ६३ हजार १७३ विद्यालयों में से ५९ हजार ८६८ विद्यालयों ने अक्षय पेटिका स्थापित कर उनमें एकत्रित धनराशि की सूचना को ऑनलाइन कर दिया है। जबकि योजना शुरू होने के करीब दो साल बाद भी ३३०५ विद्यालयों ने अक्षय पेटिका स्थापित नहीं की। प्रदेश के कुल अक्षय पेटिका स्थापित करने वाले विद्यालयों में २५ मार्च तक ६ करोड़ ६९ लाख ३५ हजार ३०२ रुपए की राशि एकत्रित की गई है। वहीं सत्र २०१८-१९ में एक करोड़ ७७ लाख ७३ हजार ९११ रुपए की राशि जनसहयोग से एकत्रित की गई है। बीकानेर जिले में कुल १९३१ विद्यालयों में से १८०१ विद्यालयों में अक्षयपेटिका स्थापित की गई है। जबकि १३० विद्यालयों में अक्षय पेटिका स्थापित नहीं की गई है। गौरतलब है कि इस आदेश की पालना के लिए इसके लिए पूर्व में भी राज्य परियोजना निदेशक की ओर से निर्देश व फोन पर सूचना दी गई थी, लेकिन आज तक अक्षय पेटिका स्थापित कर पोर्टल पर सूचना नहीं भेजी गई है।