
नगर निगम
बीकानेर . शहर में नगर निगम अधिकारियों-कर्मचारियों की शह के चलते बिना अनुमति और नियम विरुद्ध भवनों का निर्माण कार्य जारी है। सड़क से सदन तक पार्षदों की ओर से अवैध निर्माण का मुद्दा उठाने, निरीक्षण कर रिपोर्ट सदन की पटल पर रखने के बाद भी इन पर कोई अंकुश नहीं लग रहा है। बॉलकोनी, अण्डर ग्राउण्ड, बिना सैट बैक तथा सड़क की चौड़ाई के विपरित बिल्डिंगों की अधिक ऊंचाई के रूप में नियम विरुद्ध निर्माण कार्य हो रहे है। बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकानें बेची जा रही है।
नगर पालिका अधिनियम में निर्धारित प्रावधानों को भी धत्ता बताते हुए बेधड़क चल रहे नियम विरुद्ध और बिना अनुमति निर्माण में निगम प्रशासन शिकायत मिलने के बाद महज नोटिस भेजकर अपने दायित्व की इतिश्री कर रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के अतिक्रमण को संरक्षण वाले बयान के बाद तो अधिकारी नोटिस देने से भी गुरेज करने लगे है। कई भवनों की सीज की कार्रवाई प्रस्तावित हो जाने के बाद भी सीज नहीं किया गया है। निगम में सीज संबंधी डेढ़ दर्जन से अधिक पुरानी तथा इस साल की करीब आठ फाइलों पर कार्रवाई लम्बित है।
बार-बार नोटिस पर कार्रवाई नहीं
निगम प्रशासन नगर पालिका अधिनियम की धारा 194 के तहत अवैध निर्माण को लेकर महज बार-बार नोटिस भेजकर इतिश्री कर रहा है। जानकारी के अनुसार निगम की ओर से इस वर्ष करीब 115 से अधिक ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर नोटिस जारी किए है। जिन्होंने नियम विरुद्ध या बिना अनुमति निर्माण कार्य किया है।
इनमें आधा दर्जन तो ऐसे निर्माण कार्य है जिनके लिए स्वयं निगम प्रशासन सीज की कार्रवाई प्रस्तावित कर चुका है। परन्तु भवनों को सीज नहीं किया जा रहा है। वहीं करीब एक दर्जन भवन ऐसे है जिनको दो-दो नोटिस भेज चुका है।
अंतिम नोटिस के बाद विधिक राय
अवैध निर्माण को लेकर निगम प्रशासन की ओर से तीन नोटिस देने, सीज की कार्रवाई प्रस्तावित करने के बाद जो विधिक राय के नाम पर सीज की कार्रवाई को टालने की प्रक्रिया अपनाई है। वह निगम की कार्यशैली पर तो संदेह पैदा करता ही है साथ ही किसी अन्य प्रकार की शंकाओं को भी जन्म दे रही है। जबकि किसी प्रकरण में अगर विधिक राय लेनी है तो पहले नोटिस के बाद भी ली जा सकती थी।
धड़ल्ले से हो रहे नियम विरुद्ध निर्माण
निगम की बिना अनुमति और नियम विरुद्ध निर्माण कार्य धड़ल्ले से हो रहे है। सही फाइलों को जानबूझकर अटकाया जा रहा है। सदन की पटल पर अवैध निर्माण करने वालों की सूची रखने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जो निर्माण कार्यों को लेकर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर शंका प्रकट कर रही है।
नीलम जांगिड़, पार्षद व सदस्य भवन निर्माण अनुज्ञा समिति, नगर निगम।
Published on:
25 Nov 2017 09:30 am
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