
हमारे भूजल में रेडियो एक्टिव प्रदूषण, प्रदेश के 28 जिलों में घुला मिला यूरेनियम
आशीष जोशी
राज्य का भूजल रेडियो एक्टिव प्रदूषण की चपेट में आ रहा है। प्रदेश के 33 में से 28 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मात्रा अनुुमत सीमा से ज्यादा घुली मिली है। राजस्थान में भूजल के बढ़ते दोहन की समस्या तो पहले ही विकराल हो चुकी है। अब केेंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की ताजा रिपोर्ट में यह बेचैन करने वाला खुलासा हुआ है। प्रदेश के 28 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मात्रा 0.03 एमजी प्रति लीटर से अधिक मिली है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसा पानी लीवर की बीमारियां व कैंसर कारक है। विकृत बच्चे पैदा होने की भी आशंका रहती है। देश के 18 राज्यों के 187 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई है। खास बात यह है कि आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, झारखंड और मेघालय पहले से यूरेनियम हब है, लेकिन वहां के भूजल में ये रेडियोधर्मी प्रदूषण कम मिला है। जबकि पिछले कुछ सालों में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में हेलिबॉर्न जियोलॉजिकल सर्वे में यूरेनियम के भंडार होने के संकेत मिले हैं। इन राज्यों का भूजल यूरेनियम से सबसे ज्यादा संदूषित पाया गया है। भू वैज्ञानिक इसके अध्ययन में जुटे हैं।
अमरीकी शोध एजेंसी ने भी चेताया थाकरीब पांच साल पहले अमरीका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोध में राजस्थान के कई कुओं में यूरेनियम की मात्रा डब्ल्यूएचओ और अमरीकी एन्वायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के तय मानक से काफी ज्यादा मिली थी। रिसर्च टीम ने बताया था कि यहां भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी बढ़ रही है। इसके बावजूद ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड ड्रिंकिंग वाटर स्पेसिफिकेशंस (बीआइएस) में यूरेनियम को प्रदूषण की सूची में शामिल नहीं किया हुआ था। हाल के वर्षों में केंद्रीय भूजल बोर्ड ने इसे संदूषकों की सूची में शामिल किया है।
इन राज्यों के भूजल में यूरेनियम
राज्य - कुल जिले - यूरेनियम प्रभावित जिलेराजस्थान - 33 - 28
उत्तरप्रदेश - 75- 35पंजाब - 23 - 20
हरियाणा 22- 19तमिलनाडु 38 - 14
मध्यप्रदेश - 52 - 12बिहार - 38 - 10
ये प्रदेश यूरेनियम हब, लेकिन भूजल सुरक्षित
राज्य - कुल जिले - यूरेनियम प्रभावित जिले
आंध्रप्रदेश - 26 - 08
तेलंगाना - 31 - 06झारखंड - 24 - 04
मेघालय - 11 - 0
सीजीडब्ल्यूबी ने क्षेत्रीय स्तर पर किया अध्ययन
सीजीडब्ल्यूबी की ओर से अपने भूजल गुणवत्ता मॉनिटरिंग कार्यक्रम और विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के एक भाग के रूप में क्षेत्रीय स्तर पर देश के भूजल गुणवत्ता डेटा को तैयार किया जाता है। इस अध्ययन से राज्यों के अलग-अलग भागों में मानव उपयोग के लिए फ्लोराइड, आर्सेनिक, नाइट्रेट, आयरन और यूरेनियम जैसे संदूषित पदार्थों की बीआइएस के अनुसार अनुमत्य सीमा से अधिक होने का संकेत प्राप्त होता है।
एक्सपर्ट व्यू : लम्बे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक
यदि निर्धारित मात्रा से ज्यादा यूरेनियम वाला पानी लम्बे समय तक पिया जाए तो कैंसर और अन्य खतरनाक बीमारियों की आशंका रहती है। रेडियो एक्टिव पदार्थों का असर तत्काल नजर नहीं आता, लेकिन लॉन्गटर्म इफेक्ट गंभीर हो सकते हैं। ऐसे पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक है। कई जगह की मिट्टी में भी यूरेनियम पाया गया है। वहां कृषि उत्पादों में भी इसकी मौजूदगी मिलती है।- डॉ. आलोक गुप्ता, पूर्व विभागाध्यक्ष, मेडिसिन, एसएन मेडिकल कॉलेज
Published on:
13 Jan 2023 11:20 am
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