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संविधान निर्माण में बीकानेर की भी रही थी भागीदारी

गणतंत्र दिवस- बीकानेर के दाऊदसर हाऊस में हुआ संविधान प्रारूप तैयार करने का कार्य

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संविधान निर्माण में बीकानेर की भी रही थी भागीदारी

संविधान निर्माण में बीकानेर की भी रही थी भागीदारी

विमल छंगाणी

15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। देश का संविधान तैयार करने के लिए संविधान निर्माता समिति का गठन किया गया था। भारत के संविधान को तैयार करने में बीकानेर की भी भागीदारी रही थी। बीकानेर रियासत में प्रधानमंत्री रहे ठाकुर जसवंत सिंह संविधान निर्माता समिति में शामिल थे। जसवन्त सिंह बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र और मदन मोहन मालवीय के शिष्य थे।

जसवन्त सिंह के भतीजे महावीर सिंह तंवर दाऊदसर बताते है कि भारत के संविधान का प्रारुप बनाने की जिम्मेदारी मदन मोहन मालवीय के जिम्मे थी। उन्होंने बीकानेर के ठाकुर जसवन्त सिंह पर भरोसा कर जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बीएचयू के 17 छात्रों के सहयोग से बीकानेर के रेलवे स्टेशन के दूसरे द्वार की ओर िस्थत दाऊदसर हाऊस में भारत के संविधान का प्रारुप तैयार करने का कार्य किया।

ये रहे शामिल

महावीर सिंह दाऊदसर के अनुसार संविधान का प्रारुप तैयार करने के कार्य में दलपत सिंह, बाघ सिंह,मान सिंह, रामसिंह सहित बीएचयू के छात्रों का सहयोग रहा। ज्ञान सिंह, भरत कुमार, होतीलाल, एम जे शाह, रामनववास अग्रवाल, वी दडि़यन, दीपसिंह, जगदीश्वर सिंह चौधरी, विजय बहादुर राय, वासुदेव यशरण अग्रवाल, भुवनेश्व प्रताप सिंह दाऊदसर हाऊस में संविधान का प्रारुप तैयार करने में सहयोगी रहे। संविधान का प्रारुप तैयार होने के बाद बीएचयू के छात्रों व ठाकुर जसवन्त सिंह ने गुरु दक्षिणा के रुप में मदन मोहन मालवीय को संविधान का प्रारुप सौंपा।

टाइपराइटर आज भी सुरक्षित

दाऊदसर हाऊस में भारत के संविधान का प्रारुप तैयार करने के कार्य के साथ-साथ उसे टाइपराइटर के माध्यम से टाइप करने का कार्य भी चलता रहा। ठाकुर जसवन्त सिंह के भतीजे महावीर सिंह दाऊदसर का कहना है कि संविधान प्रारुप के नोट्स, लेटर आदि टाइप करने में जिस टाइपराइटर का उपयोग दाऊदसर हाऊस में किया गया था, वह आज भी उनके पास धरोहर के रुप में सुरक्षित है। वहीं उस दौर से जुड़ी कई यादें व सामान आज भी संभाल कर रखे है।

राजस्थान से थे 12 सदस्य

संविधान सभा में राजस्थान राज्य से 12 सदस्य थे। महावीर सिंह बताते है कि बीकानेर से ठाकुर जसवन्त सिंह सहित वी टी कृष्णमाचारी, हीरालाल शास्त्री, सरदार सिंह खेतड़ी, राजबहादुर, माणिक्य लाल वर्मा, गोकुल लाल असावा, रामचन्द्र उपाध्याय, बलवंत सिंह मेहता, दलेल सिंह, जयनारायण व्यास और मुकुट बिहारी लाल शामिल थे।

बीकानेर राज्य के रहे प्रधानमंत्री

ठाकुर जसवन्त सिंह दाऊदसर बीकानेर राज्य के प्रधानमंत्री भी रहे। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से बीए की शिक्षा प्राप्त की। महाराजा गंगासिंह के निजी सचिव भी रहे। तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया। वर्ष 1935 में हिज मजेस्ट्री दी किंग एम्परर मेडल से सम्मानित हुए।इंग्लैंड के राजा से 1937 में कोरोनेशन मेडल से सम्मानित हुए।बीकानेर राज्य में 1941 में सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री रहे। 1947 में महाराजा सार्दुल सिंह के समय बीकानेर राज्य के प्रधानमंत्री बने। 1949 में मेम्बर ऑफ काॅन्सिटेन्ट एसेम्बली ऑफ इण्डिया लेजेस्टिव रहे। भारत के संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे। उन्होंने 24 जनवरी 1950 को संविधान में हस्ताक्षर किए। भारतीय अस्थायी संसद के सदस्य रहे। 5 दिसंबर 1971 को निधन हो गया।