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स्कूल-दर-स्कूल, कम निकल रहे दूध पाउडर के पैकेट

Bikaner News: गड़बड़ी के सूत्रधार नहीं तलाश रहा विभाग, हर स्कूल में दो से चार हजार रुपए की चपत लगाई गई है।

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स्कूल-दर-स्कूल, कम निकल रहे दूध पाउडर के पैकेट

स्कूल-दर-स्कूल, कम निकल रहे दूध पाउडर के पैकेट

बीकानेर. चार सौ रुपए कीमत का एक किलो पाउडर दूध का पैकेट Milk Powder Packet। किसी सरकारी स्कूल में पांच तो किसी में दस पैकेट कम निकल रहे हैं। यानी हर स्कूल में दो से चार हजार रुपए की चपत लगाई गई है। इसे प्रदेश के कुल 65 हजार स्कूलों के लिहाज से देखें, तो यह गड़बड़ी लाखों रुपए में होने की आशंका बन रही है। बच्चों के दूध का संवेदनशील मामला होने के बावजूद शिक्षा विभाग Rajasthan EducationDepartment ने अभी तक इसकी जांच शुरू नहीं की है, जबकि कई जगहों से ऐसी खबरें न सिर्फ सुनाई दे रही हैं, बल्कि अनेक सूचना तंत्रों के माध्यम से अब दिखाई भी देने लगी हैं।

सरकार ने स्कूलों में Rajasthan Govt. Bal Gopal Yojana पाउडर दूध की आपूर्ति राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (RCDF) को सौंपी है। एक कार्टन में एक-एक किलो के पांच पैकेट होने चाहिए। राजस्थान पत्रिका में शुक्रवार के अंक में कार्टन में पैकेट कम निकल रहे होने की खबर प्रकाशित होने के बाद सभी सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधानों ने कार्टन खोलकर पैकेट गिने। इसके बाद कई और संस्था प्रधानों ने पैकेट कम मिले होने की जानकारी दी है। औसतन हर दूसरे-तीसरे स्कूल में पांच से दस पैकेट की चपत लगाई गई है। ऐसे में सरकार को दूध पैकेट के भुगतान को रोक कर मामले की जांच किसी एजेंसी से अब तक क्यूं नहीं करा रही है, इसको लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बड़े घोटाले का संकेत देते यह खुलासे

ताजी सूचना के मुताबिक, बीकानेर में राउप्रावि पुलिस लाइन स्कूल में 4 पैकेट कम मिले हैं। रा.उ.प्रा.वि.,जम्भेश्वर नगर भाटो का बास में भी 3 पैकेट दूध के कम प्राप्त हुए हैं। रा.उ.प्रा.वि., रामपुरा बास लालगढ़ को 15 पैकेट की चपत लगी है। राउमावि ईदगाह बारी के इंडेंट में 110 पैकेट दर्ज हैं, जबकि कार्टन खोलने पर 99 पैकेट्स ही निकले। यानी एक स्कूल में ही 4400 रुपए का दूध गायब कर दिया गया है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामावि इगानप आदि में भी दूध के पैकेट कम पहुंचे होने की शिकायत मिली है।

विश्वास में धोखा खा गए संस्था प्रधान

संस्था प्रधानों ने कार्टन पर अंकित पांच पैकेट के हिसाब से आपूर्तिकर्ता को प्राप्ति रसीद दे दी। अब पत्रिका में इस मामले का खुलासा होने पर पैकेट गिनने पर कम निकलने पर संस्था प्रधान परेशान हैं। कुछ ने कार्टन खोलने की वीडियोग्राफी कर विभाग को भेजी है। तो कुछ ने स्कूल के अन्य शिक्षकों की उपिस्थति में कार्टन खोल कर इसकी रिपोर्ट तैयार की है। अंदेशा है कि आने वाले दिनों में ऐसी शिकायतों के ढेर लग सकते हैं।