
नीम के तेल में कपूर डाल दीया जलाएं तो प्रति मिनट मरेंगे 14 मच्छर
बीकानेर . विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में मंगलवार को 26वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रतियोगिता में जिले के पांच शोध कार्यों का राज्य स्तर पर चयन हुआ है। परियोजना अधिकारी राजेन्द्र राणा ने बताया कि दो शोधकार्य राजकीय करणी आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, दो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रासीसर व एक शोधकार्य आरएसवी स्कूल बीकानेर का है। इनका 23, 24 नवम्बर को राज्य स्तर पर उदयपुर में प्रस्तुतिकरण होगा। देशनोक विद्यालय के प्रधानाचार्य कौशल किशोर पंवार ने बताया कि शाला के छात्रों ने शोधकार्य व्याख्याता संजय कपूर के मार्गदर्शन में तैयार किया। कपूर ने बताया कि पहले शोधकार्य का विषय डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व जीका नामक बीमारी के बचने की पारम्परिक तकनीकों का प्रभाव अध्ययन है।
पारम्परिक तकनीक
शोधार्थी दिनेश सुथार, गौरव शर्मा ने बताया कि पारम्परिक तकनीक में नीम के तेल में कपूर मिलाकर दीपक जलाया जाए तो प्रति मिनट 14 मच्छर मरते हैं। दूसरे शोधकार्य का विषय सार्वजनिक स्थानों पर पानी का अपव्यय, पुन: उपयोग रहा। इसमें शोधार्थी भवानी सिंह देपावत व जयकिशन सुथार ने बताया कि वर्षा जल व आरओ का व्यर्थ जल व साबुन का पानी नालियों में बहा दिया जाता है।प्रयोग में सिद्ध किया कि साबुन के पानी के उपयोग से गेहूं के ज्वारों में वृद्घि नल के पानी की तुलना अधिक हुई। जिला समन्वयक डॉ. मोहम्मद फारुक के अनुसार निर्णायक डॉ. त्रिभुवन शर्मा रहे।
Published on:
14 Nov 2018 08:15 am
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