
Seasonal shoots on cumin and fenugreek crop
बीकानेर. मौसम में आए बदलाव का मसाला फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। तेज हवा और नमी से खासकर जीरे व मैथी की खड़ी फसल को नुकसान हो रहा है। फूल झडऩे के अलावा इनमें कीट लगने की आशंका भी बढ़ गई है। दोनों ही फसलें इस माह तैयार हो जाएंगी, लेकिन बदलते मौसम ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं।
जिले में इन दिनों मौसम लगातार रंग बदल रहा है। कृषि जानकारों का कहना है कि तेज हवा से जीरे की फसल में फूल सही ढंग से नहीं बढ़ पा रहे हैं। साथ ही रोग का प्रकोप भी बढ़ गया है। यह सीजन दोनों ही फसलों के पकने का है। इनकी कटाई भी इसी माह के अंत में शुरू हो जाती है, लेकिन जीरे और मैथी की फसल पकने का इंतजार कर रहे किसान फूल झडऩे और रोकी आशंका से चिंतित हैं।
साढ़े नौ हजार हैक्टेयर में खेती
जिले में इस साल साढ़े नौ हजार हैक्टेयर में जीरे व मैथी की बुआई की गई है। इसमें मुख्य रूप से नोखा व श्रीडूंगरगढ़ तहसील में इनकी खेती अधिक होती है। इसके अलावा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनकी बुआई की गई है। कृषि जानकारों का मानना है कि पिछले दस दिनों से मौसम इन फसलों के विपरीत है।
30 प्रतिशत तक असर
कृषि वैज्ञानिक इंद्र मोहन वर्मा के अनुसार इस मौसम से जीरे व मैथी की पैदावार पर 30 प्रतिशत तक विपरीत असर पड़ सकता है। तेज हवा के कारण इनके फूल झड़ जाते हैं, जिनमें जीरा व मैथी लगे होते हैं। इससे पैदावार प्रभावित होती है। साथ ही किसान को पर्याप्त दाम भी नहीं मिल पाते हैं।
Published on:
09 Mar 2019 02:08 am
