
Secondary Education Board
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12 वीं कक्षा की एक छात्रा को बोर्ड की गलती के कारण कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल सका तथा यह प्रतिभावान छात्रा सरकारी छात्रवृति व अन्य सुविधाओं से वंचित रह गई।
साक्षी के पिता शिवपुरी का कहना है कि पहले बोर्ड ने छात्रा को 85.20 प्रतिशत अंकों की अंकतालिका जारी की जो पुनर्मूल्याकंन के बाद 91.12 प्रतिशत हो गए लेकिन पुनर्मूल्यांकंन का परिणाम आने तक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी ।
बोर्ड की 2016 की सीनियर सेकेण्डरी परीक्षा में नालन्दा पब्लिक स्कूल में पढऩे वाली साक्षी पुरी की बोर्ड द्वारा जारी अंक तालिका में अंग्रेजी विषय के सैद्वांतिक पेपर में 80 में से 45 अंक दर्शाए तथा सत्रांक में 20 अंक के साथ कुल 65 अंक दर्शाए गए ।
छात्रा के लेखाशास्त्र में 100 में से100, व्यावसायिक अध्ययन में 100 में से 81, हिन्दी विषय में 100 में से 88, हिन्दी व अंग्रेजी टाइपिंग में 50-50 में से 46-46 अंक आए ।
अंग्रेेजी विषय में आए अंकों से संतुष्ट न होने पर उसने बोर्ड से अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति निकलवाई तो उसमें 75 अंक दर्शाए गए थे जबकि अंकतालिका में सिर्फ 65 अंक ही दिए गए थे ।
अंकतालिका में अंग्रेजी विषय के सैद्धांतिंक पेपर में 30 अंक क म लिखे गए । साक्षी के पिता ने बताया कि बोर्ड की इस गलती का परिणाम यह हुआ कि इस छात्रा का सरकारी कॉलेज में प्रवेश नहीं हो सका ।
बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन का परिणाम आने तक कॉलेजों में प्रवेश हो चुके थे।
Published on:
08 Sept 2016 10:19 am
बड़ी खबरें
View Allप्रतापगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
