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अनुमति के अभाव में अटका पीबीएम में आश्रय स्थल

एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन नहीं दे रहा निर्माण की अनुमति, नगर निगम करेगा एक करोड़ खर्च, महिला-पुरुष व परिवार के रहने की होगी अलग-अलग व्यवस्था

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Shelter

दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पीबीएम अस्पताल में भर्ती होने वाले कैंसर रोगियों के परिजनों के ठहरने के लिए एक आश्रय स्थल बनाया जाना है। 50 व्यक्तियों की क्षमता का आश्रय स्थल पीबीएम अस्पताल एवं एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की अनुमति में अटका हुआ है।

नगर निगम ने कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की डेढ़ महीने से गुहार लगा रहा है लेकिन न तो जमीन आवंटित की गई है और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया है। इससे पीबीएम में बनने वाला आश्रय स्थल खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।

हर दिन रहेगा खुला
जिले के ऐसे गरीब, असहाय, वृद्ध, महिलाएं, बच्चे जो आवासहीन है, उन लोगों को सर्दी, गर्मी, बरसात से बचाने के लिए 12 महीने 24 घटे स्थायी आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल परिसर में आश्रय स्थल पर 50 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। पीबीएम परिसर में आश्रय स्थल जमीन के हिसाब से बनाया जाएगा।

50 से 100 व्यक्तियों के ठहरने की सुविधा होगी। यहां पानी, रजाई-गद्दे, हीटर, गीजर, मनोरंजन के लिए एलईडी सहित अन्य सभी सुविधाएं मरीजों के परिजनों को नि:शुल्क मुहैया कराई जाएगी। आश्रय स्थल की संपूर्ण देखरेख नगर निगम प्रशासन करेगा।

चार प्रस्तावित
नगर निगम की ओर से बीकानेर जिले भर में चार आश्रय स्थल का निर्माण कराया जाना है। एक पीबीएम अस्पताल परिसर में और दूसरा शहर के अन्य क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। नोखा व श्रीडूंगरगढ़ में नगर पालिका की ओर से जमीन मुहैया करा दी गई है। यहां आगामी दो-तीन महीने में आश्रय स्थल बनकर तैयार हो जाएगा।

जमीन की कमी
पीबीएम अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए नगर निगम आश्रय स्थल बनाने के लिए तैयार है। एसपी मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने के लिए कई बार लिखित व मौखिक अवगत करा चुका है लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला है। जमीन मिलने के तुरंत बाद ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। भवन व भौतिक सुविधाओं पर करीब एक करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
नीलू भाटी, जिला प्रबंधक एसयूएसएच (निराश्रितों के लिए आवास)

नहीं मिला कोई पत्र
नगर निगम ने शौचालय बनाने का वायदा किया था, जमीन भी चिन्हित कर ली थी लेकिन आज तक नहीं बनाए। आश्रय स्थल के लिए जमीन उपलब्ध कराने संबंधी कोई मांग-पत्र नहीं मिला है। अगर वे आश्रय स्थल बनाने के लिए जमीन की मांग करते हैं तो पीबीएम परिसर में जगह होगी तो जरूरी मुहैया कराई जाएगी।
डॉ. पीके बैरवाल, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल

वर्तमान में चार चालू
- रेलवे स्टेशन मटका गली
- सैटेलाइट अस्पताल परिसर
- प्राइवेट बस स्टैंड बीछवाल
- फायर स्टेशन बीछवाल