
मंत्रीजी! हमारा बीकानेर सोलर सिटी प्रोजेक्ट में शामिल क्यों नहीं...
-आशीष जोशी
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सोलर सिटी योजना में प्रदेश के जैसलमेर और पुष्कर शहर में काम शुरू हो गया है। जबकि सबसे बड़े सोलर हब बन रहे बीकानेर शहर की इस प्रोजेक्ट में अनदेखी हो रही है। अचरज की बात यह है कि गत वर्ष तत्कालीन ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला की अध्यक्षता में इस प्रोजेक्ट की बैठक में बीकानेर पर चर्चा भी हुई। फिर इन दोनों शहरों का चयन योजना में सौर शहर के रूप में विकसित करने के लिए किया गया। कल्ला बीकानेर पश्चिम से विधायक हैं। मौजूदा ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी भी बीकानेर जिले के कोलायत विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। इतना ही नहीं, बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल भी केंद्र में मंत्री है। इसके बावजूद केंद्र की इस महत्वकांक्षी परियोजना में बीकानेर को दरकिनार कर दिया गया है। करीब डेढ़ वर्ष पहले केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सोलर सिटी योजना के तहत देश के 24 राज्यों ने 30 शहरों को चुना था। योजना के तहत राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम नोडल एजेंसी है।
सबसे बड़ा सोलर हब : हमारा दावा इसलिए मजबूत
देश का सबसे बड़ा सोलर पार्क बीकानेर के कोलायत तहसील में बनेगा। यहां 3000 मेगावाट का सोलर पार्क विकसित होगा। जो 9000 एकड़ में तैयार हो रहा है। यह सोलर पार्क बनने के बाद बीकानेर देश का सबसे बड़ा सोलर हब बन जाएगा। बीकानेर में 13,500 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। गौरतलब है कि अब तक का सबसे बड़ा 2245 मेगावाट का सोलर पार्क जोधपुर के भडला में है। इसके अलावा पूगल में बराला क्षेत्र में छोटा बंदरवाला में भी 2000 मेगावाट का सोलर पार्क तैयार हो रहे हैं।
सबकी नजर हम पर, हमारे अपने कर रहे नजरअंदाज
- बीकानेर में करीब आठ हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अभी तक 18 बड़ी कंपनियों ने करीब 14 हजार एकड़ जमीन पर 36 सोलर प्लांट लगा रखे हैं।
- अब बीकानेर में 5000 मेगावाट के दो सोलर पार्क के साथ 500 मेगावाट के प्लांट और स्थापित होंगे। इनके लिए एमओयू हो चुके हैं।
- बीकानेर में सोलर में बड़ा निवेश हो रहा है। सॉलटॉउन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड सात हजार करोड़ रुपए खर्च कर यूनिट स्थापित करेगी। रेयज पॉवर एक्सपर्ट कंपनी सोलर में पांच सौ करोड़ रुपए का एमओयू कर चुकी है। छह सोलर कंपनियां पांच से पचास करोड़ रुपए तक का निवेश करने की तैयारी में।
एक साल पहले मंत्री कल्ला की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
केन्द्र सरकार के सोलर सिटी प्रोजेक्ट को लेकर 18 अगस्त 2021 को तत्कालीन ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें जैसलमेर और पुष्कर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए कई विभागों की जिम्मेदारी भी तय की गई थी।
क्या है सोलर सिटी
चयनित शहरों में विद्युत की आवश्यकता अक्षय ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। यहां परम्परागत तरीके यानि थर्मल से बिजली की निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। डिस्कॉम पर ज्यादा से ज्यादा भवनों में सोलर पैनल लगवाने का जिम्मा है। स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास विभाग पर कचरे से बिजली बनाने व सभी स्ट्रीट लाइट एलईडी से बदलने का जिम्मेदारी है। परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देगा और राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी बड़े सोलर पार्क विकसित करेगी।
एक्सपर्ट व्यू : टूरिज्म फ्रेंडली छोटे शहरों पर नजर
सोलर सिटी प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी की संभावनाओं वाले ऐसे छोटे शहरों का चयन किया गया जो पर्यटन दृष्टि से भी मजबूत है। दरअसल, इस क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का बड़ा निवेश है। ऐसे में पर्यटक ग्रीन एनर्जी को देख अपने देश जाकर उसकी चर्चा भी करते हैं। इससे देश की छवि ग्रीन एनर्जी फ्रेंडली की बनने के साथ इन्वेस्ट करने वाली संबंधित कंपनियों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाता है।
- योगेन्द्र रंगा, सोलर एक्सपर्ट
Published on:
02 Sept 2022 09:00 pm
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